अगर वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा नहीं सकते थे तो इतने तामझाम से क्यों खोले वैक्सीन सेंटर, दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि अगर उसके पास कोवैक्सीन का दूसरा डोज देने के लिए वैक्सीन थे ही नहीं, तो फिर उसने इतने तामझाम के साथ वैक्सीनेशन सेंटर क्यों खोला. जबकि सरकार को भी यह पता है कि कोवैक्सीन का दूसरा डोज चार से छह सप्ताह के बीच देना अनिवार्य है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि अगर उसके पास कोवैक्सीन का दूसरा डोज देने के लिए वैक्सीन थे ही नहीं, तो फिर उसने इतने तामझाम के साथ वैक्सीनेशन सेंटर क्यों खोला. जबकि सरकार को भी यह पता है कि कोवैक्सीन का दूसरा डोज चार से छह सप्ताह के बीच देना अनिवार्य है.

जस्टिस रेखा पाली ने दो याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट के सामने यह गुहार लगायी है कि उन्होंने कोवैक्सीन की दूसरी खुराक के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन उन्हें दूसरी खुराक नहीं मिली.

अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि क्या वह यह बयान देने के लिए तैयार है कि वह वैक्सीन देने में समय सीमा का पालन करेगी. अदालत ने दोनों टीकों कोवैक्सिन और कोविशील्ड की दूसरी खुराक को दिल्ली में उपलब्ध कराने की दलीलों पर केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया.

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याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि कई लोग वैक्सीन की खुराक लेने के लिए अन्य राज्यों का रुख कर रहे हैं, क्योंकि दिल्ली में स्टॉक खत्म हो गया है. इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट चार जून को फिर से सुनवाई करेगी.

Posted By : Rajneesh Anand

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