Electricity: दिल्ली में बिजली बिल में बढ़ोतरी पर राजनीति तेज, कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल को लिखी चिट्ठी

दिल्ली में बिजली खरीद की लागत आठ प्रतिशत बढ़ जाने से अब 200 यूनिट से अधिक की मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को अधिक बिल चुकाना होगा. हालांकि उन्होंने कहा कि 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं पर इस दर वृद्धि का कोई असर पड़ेगा.

दिल्ली में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीति तेज हो गयी है. अरविंद केजरीवाल सरकार पर बीजेपी और कांग्रेस लगातार निशाना साध रही है, तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी बिजली बिल में बढ़ोतरी के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है. इस बीच कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है और इस मामले को लेकर मिलने का समय मांगा है.

कांग्रेस नेता अनिल चौधरी ने केजरीवाल से मिलने का समय मांगा

बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने अरविंद केजरीवाल से मिलने का समय मांगा है. उन्होंने इसको लेकर चिट्ठी लिखी. चिट्ठी में उन्होंने लिखा, दिल्ली में आपकी सरकार द्वारा बिजली बिल में की गयी बेतहाशा बढ़ोतरी से परेशान दिल्ली की जनता की चिंताओं से अवगत कराने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल आपसे भेंट करना चाहता है. आपसे अनुरोध है इसके लिए समय दिया जाए. कांग्रेस ने रविवार या सोमवार को मिलने का वक्त मांगा है.

कांग्रेस ने दिल्ली में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर केजरीवाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया

कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में बिजली खरीद समायोजन लागत (पीपीएसी) में बढ़ोतरी को लेकर मंगलवार 27 जून को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन में शामिल नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पीपीएसी में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की. उन्होंने ‘केजरीवाल इस्तीफा दो’ के नारे भी लगाए. इधर दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने पीपीएसी में बढ़ोतरी के लिए केंद्र के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया था. दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया था कि यह आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और बिजली वितरण कंपनियों के बीच मिलीभगत का नतीजा है.

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दिल्ली में 200 यूनिट से अधिक खपत पर बिजली महंगी

गौरतलब है कि दिल्ली में बिजली खरीद की लागत आठ प्रतिशत बढ़ जाने से अब 200 यूनिट से अधिक की मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को अधिक बिल चुकाना होगा. हालांकि उन्होंने कहा कि 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं पर इस दर वृद्धि का कोई असर पड़ेगा. हर तीन महीने पर इस दर को संशोधित किया जाता है और तात्कालिक समय में बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोयले एवं गैस की दरों के आधार पर बिजली दरों को घटाया या बढ़ाया जाता है. दिल्ली में आप सरकार 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को मुफ्त में बिजली मुहैया कराती है जबकि 201 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को आधे बिल पर सब्सिडी दी जाती है.

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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