Delhi Election 2025: कम मार्जिन से हारी सीट पर आप और भाजपा की है विशेष तैयारी

पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की 9 सीटों पर हार-जीत का अंतर 5 हजार वोटों से कम का था, जिसमें 7 सीट पर आप और दो सीट पर भाजपा को जीत मिली थी. कांटे की लड़ाई में एक- एक-सीट जीतने की रणनीति पर पार्टियों द्वारा किया जा रहा है काम.

Delhi Election 2025: दिल्ली में सत्ता पर काबिज होने के लिए सभी दलों की ओर से हर दांव आजमाए जा रहे हैं. पिछले दो विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत आम आदमी पार्टी को मिली है. वर्ष 2015 में आम आदमी पार्टी 67 और वर्ष 2020 में 62 सीट जीतने में कामयाब रही. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला होने की संभावना है. पिछले दो चुनाव में एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं करने वाली कांग्रेस भी इस बार पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में है.

कांग्रेस ने आम आदमी के प्रमुख नेताओं के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी उतारा है. सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी मुस्लिम बहुल सीलमपुर से चुनाव प्रचार अभियान का आगाज करेंगे. कांग्रेस की नजर मुस्लिम और दलित मतदाताओं पर है. कांग्रेस का मत प्रतिशत बढ़ने से आम आदमी पार्टी को नुकसान होना तय है. ऐसे में कांटे की लड़ाई में एक-एक सीट जीतने की रणनीति पर काम पार्टियों द्वारा किया जा रहा है.

दस सीटों पर नजदीकी मुकाबला

दिल्ली में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए 36 सीट जीतना जरूरी है. भाजपा का मानना है कि आम आदमी पार्टी सरकार के 10 साल के कारण उपजी लोगों की नाराजगी का फायदा उसे मिल सकता है. नजदीकी मुकाबले में ऐसी सीटों पर जीत हासिल कर विपक्षी पार्टी पर बढ़त बनायी जा सकती है. पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की 9 सीटों पर हार-जीत का अंतर 5 हजार वोटों से कम का था. इसमें से 7 सीटों पर आम आदमी पार्टी और दो सीट पर भाजपा को जीत मिली थी.

दोनों दलों की ओर से कम अंतर से हारी गयी सीटों को जीतने के लिए विशेष रणनीति बनायी गयी है. दिल्ली के आदर्श नगर, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, बिजवासन, शालीमार गार्डन, कस्तूरबा नगर, पटपड़गंज, छतरपुर, बदरपुर और शालीमार बाग की सीटों पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच काफी नजदीकी मुकाबला देखा गया था. 

कड़े मुकाबले में कम मार्जिन वाली सीटों पर जीत होगी अहम


 भाजपा ने इस बार इन सीटों पर मजबूत प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने की नीति बनायी है. पिछले चुनाव में बिजवासन सीट से आम आदमी पार्टी सिर्फ 753 वोटों से चुनाव जीती थी. जाट बहुल इस क्षेत्र से भाजपा ने पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत को मैदान में उतारा है. आम आदमी पार्टी ने भी नये उम्मीदवार को मौका दिया है. लक्ष्मी नगर सीट भाजपा 880 वोट, छत्तरपुर सीट आम आदमी पार्टी 3720 वोट, कस्तूरबा नगर से आम आदमी पार्टी 3165 वोट, आदर्श नगर से आप 1589 वोट, शालीमार बाग सीट पर आप 3440 वोट से चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे.

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी पटपड़गंज से काफी कम अंतर से चुनाव जीतने में सफल हुए थे. इस बार भाजपा ऐसी सीटों पर घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही है. छोटी-छोटी सभाओं के जरिये आम आदमी सरकार के कथित कुशासन से लोगों को अवगत कराया जा रहा है. झुग्गी में रहने वाले लोगों को साधने के लिए पार्टी की ओर से विशेष अभियान चलाया गया. वहीं आम आदमी पार्टी ने ऐसी कई सीटों पर नए उम्मीदवार को मैदान में उतारा है. 

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