मच्छर वाली कॉइल ने बस को बनाया आग का गोला; सोते हुए कंडक्टर की जिंदा जलकर मौत

Delhi Bus Fire: दिल्ली के विकासपुरी इलाके में एक प्राइवेट बस कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिर गई. इस दुखद घटना में बस कंडक्टर, 25 साल के सुनील की जान चली गई. माना जा रहा है कि मच्छर भगाने वाली एक छोटी सी कॉइल की वजह से पूरी बस जलकर राख हो गई.

Delhi Bus Fire: देश की राजधानी दिल्ली के विकासपुरी इलाके से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है. यहां रविवार की रात एक प्राइवेट बस में अचानक भीषण आग लग गई. इस हादसे में बस कंडक्टर, 25 साल के सुनील शर्मा की जान चली गई. यह हादसा बस के अंदर जल रही एक मच्छर भगाने वाली कॉइल (Mosquito Coil) की वजह से हुआ है.

सोते समय हुआ हादसा 

पीटीआई न्यूज एजेंसी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बस के अंदर मच्छर भगाने वाली कॉइल जल रही थी. आशंका जताई जा रही है कि इसी कॉइल से निकली चिंगारी ने बस में आग पकड़ ली. उस वक्त कंडक्टर सुनील शर्मा बस के अंदर ही थे. आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. आग बुझने के बाद जब तलाशी ली गई, तो सुनील का शव बुरी तरह झुलसी हुई हालत में मिला.

आधी रात को मची अफरा-तफरी

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें रविवार रात करीब 12:33 बजे जनकपुरी फिश मार्केट के पास एक बस में आग लगने की सूचना मिली थी. कॉल मिलते ही बिना देरी किए फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. जब तक टीम पहुंची, आग पूरी तरह फैल चुकी थी. फायर फाइटर्स को आग बुझाने में करीब एक घंटे से ज्यादा का समय लगा.

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले बस से धुआं निकलते देखा और फिर अचानक बस आग की लपटों में घिर गई. दिल्ली पुलिस ने सुनील शर्मा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस इस मामले को पगहराई से जांच कर रही है ताकि हादसे की असल वजह और पुख्ता की जा सके.

ये भी पढ़ें: दिल्ली के 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

ये भी पढ़ें: सी ग्रेड फिल्म से भी बदतर, असम के मुख्यमंत्री को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दिया जवाब

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >