Delhi Air Pollution : दिल्ली में सांस लेना मुश्किल, बीमार होकर लोग पहुंच रहे हैं अस्पताल

Delhi Air Pollution : दिल्ली में गुरुवार को वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ गई और कुल एक्यूआई 264 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है. पीजीआईएमईआर के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलिन गुप्ता ने जानें प्रदूषण को लेकर क्या कहा?

Delhi Air Pollution : थोड़े सुधार के बाद गुरुवार को दिल्ली की हवा फिर खराब हो गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर का औसत एक्यूआई 264 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़कर ‘बेहद खराब’ स्तर तक पहुंच सकती है. इस बीच, पीजीआईएमईआर के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलिन गुप्ता ने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने से बीमार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.

सांस संबंधी बीमारियों वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई ओपीडी में

डॉ. पुलिन गुप्ता ने कहा कि अस्पताल की ओपीडी में सांस संबंधी बीमारियों वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है, जैसे ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के तेज दौरे के मरीज अधिक आ रहे हैं. ईएनटी विभाग में भी मरीज साइनस, नाक बहने और नकसीर की शिकायत लेकर आ रहे हैं. त्वचा रोगियों की संख्या भी बढ़ी है, जिनमें खुजली, त्वचा पर जलन और सूखापन देखा जा रहा है. आंखों से जुड़ी समस्याएं जैसे लाली, पानी आना और धुंधला दिखना जैसी समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं.

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किन्हें प्रदूषण से है ज्यादा खतरा

डॉ. गुप्ता के अनुसार, सांस की बीमारियों वाले मरीजों की संख्या लगभग 22-25% बढ़ी है. अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, पुराने धूम्रपान करने वाले और टीबी से पीड़ित बुजुर्गों को प्रदूषण से गंभीर बीमारी होने का अधिक खतरा है.

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By Amitabh Kumar

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