Cyclone Alert: अरब सागर में हलचल, 20 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान की संभावना, इन राज्यों में भयंकर बारिश

Cyclone Alert: दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ेगी. स्काइमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पूर्व अरब सागर और कोमोरिन क्षेत्र के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्व और पश्चिम दिशा में एक टर्फ भी सक्रिय है. निम्न दबाव वाला क्षेत्र 20 अक्टूबर तक दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है. ऐसे में संभावना है कि अगले सप्ताह यह एक चक्रवाती तूफान में भी विकसित हो सकता है.

Cyclone Alert: अरब सागर में आने वाले दिनों में मौसमी हलचल तेज हो सकती है. दक्षिण-पूर्व अरब सागर और कोमोरिन क्षेत्र के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्व और पश्चिम दिशा में एक टर्फ भी सक्रिय है. स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो जल्द ही स्पष्ट रूप से चिह्नित हो जाएगा. इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में जोर की बारिश भी हो सकती है.

चक्रवाती तूफान की संभावना

स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक यह निम्न दबाव वाला क्षेत्र 20 अक्टूबर तक दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है. मौसमी परिस्थितियां इसके और तीव्र होने के लिए अनुकूल हैं. ऐसे में संभावना है कि अगले सप्ताह यह एक चक्रवाती तूफान में भी विकसित हो सकता है. हालांकि इसका प्रभाव भारत में नहीं दिखाई देगा. यह सोमाली तट और अदन की खाड़ी की दिशा में आगे बढ़ेगा. तूफान बनेगा या नहीं इसकी सटीक जानकारी निम्न दबाव क्षेत्र के बनने के बाद ही तय हो पाएगी.

दक्षिणी प्रायद्वीप में भयंकर बारिश

दक्षिणी प्रायद्वीप भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की एंट्री के साथ ही भारी बारिश का दौर जारी है. अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी. मौसम विभाग ने कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर अगले 7 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.

कैसा है प्रायद्वीपीय भारत का मौसमी सिस्टम

उत्तर-पूर्वी मानसून की के कारण दक्षिण भारत के राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है. आज (16 अक्टूबर) को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल-माहे में शुरू हो गई है. कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में एक ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. यह मध्य क्षोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है. निचले क्षोभमंडल स्तरों में दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिण और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रही हैं.

कई राज्यों में जारी है बारिश का दौर

बीते 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और केरल के आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई. रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के आसपास के क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई. इसी अवधि के दौरान तमिलनाडु में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हुई. स्काईमेट वेदर के मुताबिक बीते 24 घंटों में कावाली, नेल्लोर, परंगिपेट्टई, पंबन और कन्याकुमारी में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई, जबकि तूतीकोरिन, पलायनकोट्टई और कोचीन में भारी बारिश दर्ज की गई.

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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