Crornavirus Lockdown : भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन, 35 देशों के 230 करोड़ से ज्यादा लोग घर में कैद

Crornavirus lockdown in India : भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन लागू हो चुका है. 35 देशों के 230 करोड़ से ज्यादा लोग घर में कैद हो चुके हैं.

Crornavirus Lockdown in India : दुनिया में तेजी से पैर पसारते कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन लगाये जाने की घोषणा की. यह लॉकडाउन मंगलवार की रात 12 बजे से 14 अप्रैल तक प्रभावी होगा. इस खतरनाक वायरस के कारण दुनियाभर के 50 से ज्यादा देशों ने लॉकडाउन का एलान किया है. इस लॉकडाउन के कारण करीब 230 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में कैद हो चुके हैं. इतनी बड़ी जनसंख्‍या में से अकेले 130 करोड़ लोग केवल भारत में ही लॉकडाउन हुए हैं.

35 देशों में लॉकडाउन, जानें ये

करीब 195.9 करोड़ की आबादी वाले 35 देशों ने अनिवार्य लॉकडाउन की घोषणा की है. अनिवार्य लॉकडाउन का मतलब आइए आपको बताते हैं. इसका अर्थ है कि बहुत जरूरत न होने पर घर से बाहर निकलने की भूल ना करें. ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटाने का काम प्रशासन करेगा. साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इन देशों में 130 करोड़ की आबादी वाला भारत सबसे बड़ा देश है. अन्य देश हैं- फ्रांस, इटली, अर्जेंटीना, इराक, ग्रीस, रवांडा और अमेरिका का कैलिफोर्निया राज्य है. मंगलवार को कोलंबिया भी इसी लिस्ट में अपना नाम लिखवा चुका है. वहीं, न्यूजीलैंड को बुधवार से लॉकडाउन किया जाएगा. ज्यादातर देशों में जरूरी काम पर जाने, मेडिकल केयर के लिए जरूरी सामान लाने की रियायत दी गयी है.

-क्या खुले रहेंगे-

-बैंक, बीमा कार्यालय,दूरसंचार सेवा, पुलिस, दमकल, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया

-बैंक व एटीएम से पैसे निकालने पर कोई रोक नहीं रहेगी

-स्वास्थ्य सेवाएं- अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, नर्सिंग होम

-पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी सेवाएं

-जनवितरण, खाद्य, किराना दुकानें

-फल, सब्जियां, डेयरी, मांस, मछली, पशु चारे की दुकानें

-बिजली-पानी और अन्य आवश्यक काम जारी रहेंगे

-अब 14 तक सभी ट्रेनें बंद

-देशभर में रेल सेवाएं अब 14 अप्रैल तक बंद रहेंगी

-अन्य परिवहन सेवाएं-सड़क और हवाई स्थगित रहेंगी

-मॉल, हॉल, जिम, स्पा, स्पोर्ट्स क्लब

-सभी फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, ऑफिस, गोदाम

-21 दिन देश के लिए अहम-

कोरोना की शृंखला तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय अहम है. प्रभावित देशों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकला है कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- सोशल डिस्टेंसिंग. ऐसे में इस देश में जो जहां है, वहीं रहे. घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें. नहीं, तो हम 21 साल पीछे चले जायेंगे.

-वायरस की गति खतरनाक-

पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे

फिर इसे दो लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे

तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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