CoronavirusLockdown : केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा, जहां जरूरत हो लगा दें कर्फ्यू

लॉकडाउन (बंद) के बावजूद लोगों के बाहर निकलना जारी रहने को देखते हुए केंद्र ने राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को सुझाव दिया है कि कोरोना वायरस के फैलने के मद्देनजर लोगों को घरों में रखने के लिये जहां भी जरूरत हो, वहां कर्फ्यू लगाएं.

नयी दिल्ली : लॉकडाउन (बंद) के बावजूद लोगों के बाहर निकलना जारी रहने को देखते हुए केंद्र ने राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को सुझाव दिया है कि कोरोना वायरस के फैलने के मद्देनजर लोगों को घर��ं में रखने के लिये जहां भी जरूरत हो, वहां कर्फ्यू लगाएं.

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. केंद्र सरकार के एक शीर्ष पदाधिकारी ने कुछ मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की और उन्हें बताया कि अगर लोग घरों से बाहर निकालना जारी रखते हैं तब कर्फ्यू लगाने की जरूरत है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रशासनों को सलाह दी गई है कि वायरस के फैलने के कारण बंद के आदेश के बाद भी लोगों का घर से निकलना जारी है, ऐसे में जहां भी जरूरत हो, वहां कर्फ्यू लगाएं.

राज्य सरकारों को बताया गया है कि वर्तमान स्थिति में लोगों का जमा होना स्थिति को बिगाड़ सकता है क्योंकि देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के करीब 500 पुष्ट मामले आ चुके हैं. अधिकारी ने कहा, अब, यह राज्य सरकारों पर है कि स्थानीय स्थिति के मद्देनजर क्या कदम उठाते हैं और जिला मजिस्ट्रेट को जरूरी निर्देश देते हैं जिनके पास कर्फ्यू लगाने का अधिकार है.

कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए अब तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूर्ण लॉकडाउन (बंद) की घोषणा कर दी गई है. इसका मतलब है कि कुल 560 जिलों में लॉकडाउन है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि तीन अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने यहां के कुछ इलाकों में बंद लागू किया है जिसके दायरे में 58 जिले आ रहे हैं. दो राज्य पंजाब और महाराष्ट्र तथा एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी पहले ही अपने इलाके में कर्फ्यू की घोषणा कर चुके हैं.

पीएम मोदी ने राज्‍य सरकारों से अनुरोध किया है, वो नियमों और कानून का कड़ाई से पालन करवाएं

कैबिनेट सचिव राजीव गौवा ने राज्यों के सचिवों को पत्र लिखा है और उनसे 24 घंटे स्थिति पर नजर रखने को कहा है. गौवा ने कहा है कि अगर जरूरत पड़े तब अतिरिक्त प्रतिबंध लगाया जाए और वर्तमान सभी प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन किया जाए. कोई भी उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से बंद का गंभीरता से पालन करने की अपील करते हुए राज्य सरकारों से नियमों और कानूनों का पालन कराना सुनिश्चित करने को कहा था.

मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था, लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. प्रधानमंत्री ने कहा था, राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं. मंगलवार के आंकड़े के अनुसार कोविड-19 के मामलों की संख्या बढ़कर 492 हो गई है जिसमें 446 का इलाज चल रहा है. इसमें 41 विदेशी है और अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है.

इन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने लॉकडाउन किया

चंडीगढ, दिल्ली, गोवा, जम्मू कश्मीर, नगालैंड, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, लद्दाख, त्रिपुरा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, आंध्रप्रदेश, मेघालय, झारखंड, बिहार, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, तमिलनाडु, केरल, हरियाणा, दादरा नगर हवेली, कर्नाटक और असम शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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