लॉकडाउन की अवधि खत्म होने के बीच कोरोना वायरस महामारी का संकट जैसे-जैसे बढ़ रहा है, केंद्र सरकार अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है. अब स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 3 मई के बाद यानी अगले हफ्ते के लिए जिलों को अलग-अलग हिसाब से बांटने का काम किया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी भी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद को रेड जोन में ही रखा है. इसके अलावा महाराष्ट्र के 14, दिल्ली के 11, तमिलनाडु के 12, उत्तर प्रदेश के 19, बंगाल के 10, गुजरात के 9, मध्य प्रदेश के 9, राजस्थान के 8 जिले रेड जोन में शामिल हैं.
इसके साथ ही मंत्रालय ने राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों को इन क्षेत्रों में सख्त निगरानी की हिदायत भी दी है. लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, सभी राज्यों के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में स्वास्थ्य सचिव प्रीती सूदन ने 130 रेड जोन, 284 ऑरेज जोन और 319 ग्रीन जोन की जानकारी दी है.
Also Read: Breaking News: देशभर में 24 घंटे में कोविड-19 के 2000 के करीब नये मामलेसूची के मुताबिक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 19 और 14 रेड जोन है. इसके बाद तमिलनाडू में 12 और दिल्ली के सभी 11 जिले रेड जोन में हैं. दिल्ली एनसीएर में मेरठ, फरिदाबाद, गौतमबुद्ध नगर(नोएडा) गुरुग्राम और गाजियबाद भी रेड जोन में है. ठीक इसी तरह मुंबई के पास के इलाके भी रेड जोन में हैं. पत्र में स्वास्थ्य सचिव प्रीती सूदन ने सभी राज्यों को रेड जोन में सख्ती बरतने को कहा है.
क्या कहते हैं नये नियमनये नियमों के अनुसार, अब अगर किसी जिले में 21 दिनों से कोई कोरोना वायरस का नया केस नहीं आता है, तो वह ग्रीन जोन में आएगा. पहले ये समय 28 दिनों का था. 3 मई के बाद की लिस्ट के लिए 130 जिले रेड जोन, 284 ऑरेंज जोन और 319 जिले ग्रीन जोन में शामिल किए गए हैं.
रेड जोनस्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी भी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद को रेड जोन में ही रखा है. इसके अलावा महाराष्ट्र के 14, दिल्ली के 11, तमिलनाडु के 12, उत्तर प्रदेश के 19, बंगाल के 10, गुजरात के 9, मध्य प्रदेश के 9, राजस्थान के 8 जिले, बिहार के 5 और झारखंड का एक जिला रेड जोन में शामिल हैं.
बिहार के 20, उत्तर प्रदेश के 36, तमिलनाडु के 24, राजस्थान के 19, पंजाब के 15, मध्य प्रदेश के 19, महाराष्ट्र के 16 जिले ऑरेंज जोन में शामिल हैं. वहीं, असम के 30, छत्तीसगढ़ के 25, अरुणाचल प्रदेश के 25, मध्य प्रदेश के 24, ओडिशा के 21, उत्तर प्रदेश के 20, उत्तराखंड के 10 जिले ग्रीन जोन में शामिल हैं.
