भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर लंबे समय से काम चल रहा है. पूरी दुनिया की नजर इस वक्त भारत की तरफ है. यही कारण है कि 64 देश के राजदूत हैदराबाद में हैं और कोरोना वैक्सीन बनने की रफ्तार को समझने और देखने आये हैं. 64 देश के राजदूतों ने भारत बायोटेक औक बायोलॉजिकल ई का दौरा किया. उन्हें विस्तार से अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ कृष्णा एला ने जानकारी दी .
इन सभी देशों के राजदूत को विस्तार से जानकारी देने के लिए भारत बायोटेकके चेयरमेन-एमडी ने एक प्रेजेंटेशन तैयार किया गया है जिसमें बतया गया कि दुनियाभर की 33 फीसद वैक्सीन जीनोम घाटी में तैयार हो रही है. प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि वैक्सीन मानवता के लिए है. हैदराबाद के पास सबसे ज्यादा एफडीए अप्रुव वैक्सीन सुविधाएं हैं.
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भारत के विदेश मंत्रालय ने 190 से ज्यादा देशों को कोरोना वायरस के संबंध में जानाकरी दी थी. उन्हें बताया गया था कि भारत वैक्सीन बनाने को लेकर काम कर रहा है. इसी कड़ी में भारत ने दूसरे देश और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों को हैदाराबाद का दौरा कर रहा है.
यहां के बाद इन देशोँ के प्रतिनिधि कई और शहरों का भी दौरा करेंगे. भारत कोरोना वायरस से लड़ने में काफी हद तक सफल रहा है और दुनिया भर को इससे लड़ने में अहम योगदान दे रहा है. पूरी दुनिया भारत के कोरोना वैक्सीन को अब गंभीरता से ले रही है.
दुनिया भर में कोरोना का कहर अभी खत्म नहीं हुआ है. कई देशों में अचानक से दोबारा मामले बढ़ रहे हैं. 190 देशों में अबतक 15 लाख से ज्यादा लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है. पूरी दुनिया की नजर वैक्सीन पर है. ऐसे में भारत अपने तीन लैब में वैक्सीन निर्माण का काम कर रहा है.
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भारत ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वैक्सीन के उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग कोविड-19 महामारी से लड़ने में मानवता की मदद करने के लिए किया जाएगा और वह अन्य देशों की कोल्ड स्टोरेज चेन तथा भंडारण क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा.
