राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाते हुए कहा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता. मैंने कई बार स्पीकर से सदन में व्यवस्था बनाए रखने को कहा ताकि मैं बोल सकूं... लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया. बहाना यह बनाया गया कि मैंने अमित शाह के बारे में कुछ कहा था, कि जो बर्बरता हुई, उसके लिए वे जिम्मेदार थे. मुझे भरोसा दिलाया गया कि अगर मैं माफी मांग लूं, तो मुझे बोलने दिया जाएगा. मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा."
छात्रों को डराने-धमकाने के लिए बजरंग दल को किया जा रहा लामबंद : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, "मेरी बात यह है कि हमारे छात्र, जो खुले विचारों वाले हैं और सवाल पूछते हैं, उनके साथ दिल्ली की सड़कों पर बेरहमी से बर्ताव किया गया. उन पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं. मैंने मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट. आप देख सकते हैं कि एक पुलिस अधिकारी एक नाबालिग को थप्पड़ मार रहा है. हमारे छात्रों के साथ हुई यह बर्बरता एक बुनियादी मुद्दा है. उन्हें डराने-धमकाने के लिए उनके खिलाफ बजरंग दल को लामबंद किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा ऐसी हरकत न करें."
तो अमित शाह को पद छोड़ देना चाहिए: राहुल गांधी ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर बोला हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "जब हम संसद भवन में थे, तो मैंने अपनी आंखों से देखा कि अमित शाह पुलिस अधिकारियों को बुला रहे थे. मैंने देखा कि मंत्री जितेंद्र सिंह को गृह मंत्री के कई फोन आ रहे थे. उन्हें सड़कों पर हो रही हर चीज की जानकारी थी. इसके दो ही मतलब हो सकते हैं - या तो उन्होंने लोगों पर पैलेट गन से गोली चलाने और कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश दिया. या फिर उन्हें पता ही नहीं था कि क्या हो रहा है. अगर उन्हें पता नहीं था, तो वे अयोग्य हैं; और अगर उन्होंने आदेश दिया था, तो भी उन्हें पद छोड़ना ही होगा."
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