हलद्वानी में फिर चलेगा बुलडोजर, बोलीं डीएम नैनीताल वंदना सिंह- पुलिस बल और प्रशासन ने किसी को उकसाया नहीं

हल्द्वानी हिंसा में चार लोगों की जान गई है. बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग सड़कों पर उतर गये थे. इन्होंने बैरिकेड तोड़ते और विध्वंस की कार्रवाई में लगे पुलिसकर्मियों के साथ बहस की और हिंसा शुरू हो गई. जानें क्या हुआ उत्तराखंड के हल्द्वानी में

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को हिंसा हुई जिसमें चार लोगों की जान चली गई. जानकारी के अनुसार यहां नगर निगम ने जेसीबी मशीन लगाकर अवैध मदरसा एवं नमाज स्थल को ध्वस्त कर दिया, जिसके बाद क्षेत्र में हिंसक स्थिति पैदा हो गई. इसे देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है. हलद्वानी हिंसा को लेकर डीएम नैनीताल वंदना सिंह ने एक प्रेस वार्ता की. इसमें उन्होंने कहा कि आप (वीडियो में) देख सकते हैं कि पुलिस बल और प्रशासन किसी को उकसा नहीं रहा है या किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हलद्वानी में विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई. सभी को नोटिस दिया गया और सुनवाई के लिए समय दिया गया. कुछ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

खाली संपत्ति में दो स्ट्रक्चर बने हैं

डीएम नैनीताल वंदना सिंह ने यह एक खाली संपत्ति है जिसमें दो स्ट्रक्चर बने हैं. यह रिलीजियस स्ट्रक्चर के रूप में रजिस्टर्ड नहीं है. इसे ऐसी कोई मान्यता नहीं दी गई है. कुछ लोग स्ट्रक्चर को मदरसा कहते हैं. उन्होंने कहा कि स्ट्रक्चर को गिराने का काम आगे जारी रहेगा. क्योंकि संपत्तियों पर कोई स्टे नहीं लगाया गया है. अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया विभिन्न स्थानों पर की जा रही है और इसलिए यहां भी ऐसी कार्रवाई प्रशासन की ओर से की जा रही है. शांति के साथ पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहा था. इसके बाद हमला किया गया.

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हिंसा में चार लोगों की जान गई

उत्तराखंड एडीजी कानून एवं व्यवस्था एपी अंशुमान ने बताया कि हिंसा प्रभावित बनभूलपुरा में चार लोगों की जान गई जबकि 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस हिंसा के बाद नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने हल्द्वानी में तत्काल कर्फ्यू लगाने के साथ-साथ विकासखंड के सभी स्कूल शुक्रवार को बंद रखने के आदेश जारी किया. रात 9 बजे के बाद शहर की इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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