'हमें कांग्रेस के लोगों ने ही जानकारी दी होगी...' मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर बोले कैलाश विजयवर्गीय

Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination Rejection: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर भाजपा के नेता कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा इशारा दिया है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में सरकार किसकी है. हमें पेपर्स वहीं से मिले. वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने कांग्रेस के भीतर ही मतभेद होने की बात कही है.

Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination Rejection: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि इस पूरे मामले ने कांग्रेस के अंदरूनी हालात को उजागर कर दिया है.

भाजपा ने कांग्रेस के भीतर मतभेद का लगाया आरोप

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इशारा किया कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों की जानकारी भाजपा को तेलंगाना से मिली थी, जहां कांग्रेस की सरकार है. उन्होंने कहा, ‘हमें तेलंगाना से दस्तावेज मिले, जहां उनकी अपनी सरकार है. नामांकन पत्र में गलती होने की जानकारी भी वहीं से मिली. इससे साफ है कि कांग्रेस के लोग ही यह जानकारी दे रहे होंगे. कांग्रेस की स्थिति क्या है, यह इसी से समझा जा सकता है.’

भोपाल में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद भाजपा के कुछ नेताओं को जश्न मनाते हुए देखा गया. वहीं, नटराजन ने भाजपा पर जमकर हमला बोला और उस पर राज्यसभा चुनाव में हेरफेर करने का आरोप लगाया.

मीनाक्षी नटराजन बोलीं- राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश

नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए. भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भाजपा राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा, ‘पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय जनता पार्टी ने पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतार दिया. तभी स्पष्ट हो गया था कि संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर करने वाली राजनीति की जा रही है. जिस तरह पहले मध्य प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया था, उसी तरह अब राज्यसभा चुनाव को भी प्रभावित करने की कोशिश हो रही है.’

नटराजन ने आगे कहा, ‘यह केवल एक राज्यसभा सीट या किसी एक उम्मीदवार का मामला नहीं है. यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ की रक्षा का सवाल है, जिसके लिए हमारे नेता राहुल गांधी संघर्ष कर रहे हैं. असली सवाल यह है कि क्या लोकतंत्र और संघीय ढांचा सुरक्षित रहेगा और क्या एकदलीय प्रणाली और तानाशाही थोपने का प्रयास विफल होगा.’

जीतू पटवारी ने कहा- पूरी ताकत से लड़ेंगे

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी नामांकन खारिज किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेगी. पटवारी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई को लड़ेगी. कानूनी और चुनावी पहलुओं पर हमारे विशेषज्ञों ने जो तथ्य रखे, उन्हें यूं ही खारिज नहीं किया जा सकता था. इसके बावजूद जो हुआ, वह पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होता है. यह भी सवाल है कि विधानसभा सचिव के रूप में कार्य कर रहे चुनाव अधिकारी ने किस तरह भाजपा के एजेंडे को राजनीतिक रूप देने का काम किया.’

केसी वेणुगोपाल ने भाजपा पर लगाया लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है.

उन्होंने लिखा, ‘राज्यसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया जाना भाजपा की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से कमजोर करने की कोशिश है. नामांकन में किसी तरह की त्रुटि या जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह निराधार है. जब भाजपा को लगा कि कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने की उसकी कोशिश सफल नहीं होगी, तब उसने यह रास्ता अपनाया.’

वेणुगोपाल ने आगे कहा, ‘संविधान और लोकतंत्र के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता केवल दिखावटी है. वोट चोरी की राजनीति किसी न किसी रूप में लगातार की जा रही है. कांग्रेस इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संघर्ष करेगी.’

ये भी पढ़ें:- सोनिया गांधी के गले लगकर क्यों रो पड़ीं तृणमूल चीफ ममता बनर्जी? जानें जादू की झप्पी की इनसाइड स्टोरी

ये भी पढ़ें:- महुआ मोईत्रा को ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का ऑफर! जस्टिस काटजू और टीएमसी सांसद के वार-पलटवार का क्या है सच?

चुनाव आयोग पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग भी पहुंचा. वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी आयोग को एक ज्ञापन सौंपना चाहती थी और उम्मीदवार को अयोग्य ठहराए जाने के फैसले पर आपत्ति दर्ज कराना चाहती थी.

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल को जानबूझकर रोका गया. उन्होंने कहा, ‘हम यहां अपना ज्ञापन देने आए हैं. हमारे उम्मीदवार को अयोग्य घोषित कर दिया गया है और हम अपनी बात चुनाव आयोग तक पहुंचाना चाहते हैं. मैं 35 वर्षों से अधिक समय से सांसद हूं. मैं दस मिनट से अधिक समय से यहां इंतजार कर रहा हूं. हमें जानबूझकर रोका जा रहा है. मैंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा.’

18 जून को होगी वोटिंग

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदान 18 जून को होना है. इससे पहले मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर खड़ा हुआ विवाद राज्य की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है. आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर टकराव और तेज होने की संभावना है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >