बीजेपी के बागी नेता जगदीश शेट्टार ने हुबली-धारवाड़ सेंट्रल और सिद्धारमैया ने वरुणा से नामांकन दाखिल किया

जगदीश शेट्टार भाजपा के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं जिन्होंने पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया. वे हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं क्योंकि पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था.

बीजेपी के बागी नेता जगदीश शेट्टार ने आज कांग्रेस की टिकट पर हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से अपना नामांकन दाखिल किया. आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है. वहीं कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने वरुणा विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया.

कद्दावर नेता रहे हैं शेट्टार

जगदीश शेट्टार भाजपा के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं जिन्होंने पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया. वे हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं क्योंकि पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था. अब हुबली धारवाड़ सेंट्रल सीट पर जगदीश शेट्टार के सामने भाजपा नेता महेश तेंगिकाई हैं, जिन्होंने शेट्टार को अपना गुरु बताया है और कहा है कि वे उन्हें अपना आशीर्वाद जरूर देंगे क्योंकि यह जंग गुरु-शिष्य के बीच की जंग है.

टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी का साथ छोड़ा

पिछले सप्ताह जगदीश शेट्टार ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया था. उन्होंने पार्टी इसलिए छोड़ी है क्योंकि बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. शेट्टार ने खरगे और सिद्धारमैया की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया है. शेट्टार के भाजपा ज्वाइन करने के बाद से कांग्रेस यह दावा कर रही है कि लिंगायत समुदाय का वोट अब भाजपा को नहीं मिलने वाला है.

छह बार विधायक रह चुके हैं जगदीश शेट्टार

मीडिया के सामने जगदीश शेट्टार ने कहा कि मैं छह बार विधायक रह चुका है. सातवीं बार मुझे खुद ही टिकट मिल जाना चाहिए था. मैं पूरी तरह समर्पित होकर पार्टी के उत्थान के लिए काम करता रहा हूं. पार्टी में मेरा सम्मान होना चाहिए था, लेकिन इसके बदले मुझे अपमानित होना पड़ा है. मुझे यह सूचना दी गयी कि पार्टी मुझे टिकट नहीं दे रही है. मेरा साथ ऐसा व्यवहार हुआ जैसे मैं कोई बच्चा हूं. मैं एक बार नहीं छह बार विधायक रह चुका हूं मैंने काफी अपमानित महसूस किया और पार्टी छोड़ने का मन बना लिया.

Also Read: Karnataka Election 2023: पीएम मोदी, योगी और अमित शाह होंगे स्टार प्रचारक, बीजेपी ने जारी की सूची

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >