Congress: बघेल को असम… पायलट को केरल, कांग्रेस ने कसी कमर, चुनावी राज्यों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त
Congress: आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है. पार्टी ने इन चुनावी राज्यों के लिए अपने पर्यवेक्षक की नियुक्ति की है. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को असम की जिम्मेदारी दी है. वहीं पार्टी महासचिव सचिन पायलट को केरल की जिम्मेदारी दी है.
Congress: आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है. पार्टी ने चुनावी राज्यों के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं. बुधवार को कांग्रेस ने वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को असम वहीं पार्टी महासचिव सचिन पायलट को केरल की जिम्मेदारी दी है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. असम के लिए बघेल, शिवकुमार और पार्टी की झारखंड इकाई के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कन्हैया कुमार भी बने पर्यवेक्षक
कांग्रेस ने असम के लिए इन प्रमुख नेताओं को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त करने के कुछ दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को राज्य से संबंधित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था. केरल के लिए पायलट के साथ कर्नाटक सरकार के मंत्री केजे जॉर्ज, राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी और पार्टी के युवा नेता कन्हैया कुमार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है. केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ इस बार सत्ता की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. हाल के स्थानीय निकाय के चुनाव में उसने शानदार प्रदर्शन किया था.
मार्च और अप्रैल में हो सकते हैं पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव
तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, तेलंगाना सरकार के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी व उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य काजी मोहम्मद निजामुद्दीन और पश्चिम बंगाल के लिए त्रिपुरा के वरिष्ठ नेता सुदीप रॉय बर्मन, बिहार में कांग्रेस के विधायक दल के नेता रहे शकील अहमद खान और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. इन राज्यों में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.
