इस दिवाली भी दिल्ली वाले नहीं फोड़ पायेंगे पटाखे, हर तरह के पटाखे बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी 15 सितंबर को यह आदेश जारी किया गया था कि दीवाली के मौके पर इस बार भी पटाखे चलाने की इजाजत नहीं होगी.

देश की राजधानी दिल्ली में इस बार दिवाली पर लोग संभवत: प्रदूषण से बच पायेंगे क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी 2022 तक सभी प्रकार के पटाखों को फोड़ने, बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने यह आदेश आज जारी किया.

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी 15 सितंबर को यह आदेश जारी किया गया था कि दीवाली के मौके पर इस बार भी पटाखे चलाने की इजाजत नहीं होगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्‌वीट करके यह कहा था कि दिल्ली में पिछले तीन सालों से दिवाली के मौके पर प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा भयावह हो जाता है इसलिए पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी पटाखे चलाने पर रोक होगी.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर राजधानी में पूरी तरह से पाबंदी रहेगी. उन्होंने कहा था कि यह प्रतिबंध लोगों की जिंदगी बचाने के लिए है इसलिए इसका पालन करना चाहिए.

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दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कितना है

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 370 तक चला जाता है जिसे बहुत ही खराब और जानलेवा माना जाता है. वायु प्रदूषण की इस स्थिति की वजह से श्वसन तंत्र से संबंधित रोगियों को काफी परेशानी होती है और उन्हें सांस लेने में इतनी परेशानी होती है कि अस्पताल में भरती होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. दिवाली के मौके पर प्रदूषण का स्तर भयावह हो जाता है.

शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 और 100 के बीच संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर स्थिति माना जाता है. पिछले साल दिल्ली में रोक के बावजूद पटाखे फोड़े गये थे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर 415 और उससे ज्यादा भी हो गया था.

दिल्ली में पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था प्रतिबंध

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के इस्तेमाल पर 2018 में प्रतिबंध लगाया था. हालांकि फिर सुप्रीम कोर्ट ने ही प्रतिबंधों में ढील दे दी थी और ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी.

Posted By : Rajneesh Anand

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