Coal Mines: कोयला खनन के दौरान जीरो एक्सीडेंट और फुल प्रूफ सेफ्टी पर जोर

कोयला कंपनियों की सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए कोयला मंत्रालय के सचिव अमृत लाल मीणा ने राष्ट्रीय कोयला खान सुरक्षा रिपोर्ट पोर्टल शुरू किया और पोर्टल के मौजूदा स्थिति की समीक्षा की.

Coal Mines: में सुरक्षा मानक को बेहतर करने के लिए कई तरह के उपाय कर रही है. इस बाबत कोयला कंपनियों की सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए कोयला मंत्रालय के सचिव ने राष्ट्रीय कोयला खान सुरक्षा रिपोर्ट पोर्टल शुरू की और पोर्टल के मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. इस समीक्षा बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अध्यक्ष और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनियों के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. कोयला सचिव अमृत लाल मीणा ने सभी कोयला खदानों में पूरी तरह सुरक्षा ऑडिट करने की पर जोर देते हुए जीरो-एक्सीडेंट और फुल प्रूफ सेफ्टी के लक्ष्य को हासिल करने पर जोर दिया.

सुरक्षा रिपोर्ट पोर्टल की खासियत


पोर्टल के दो प्रमुख मॉड्यूल दुर्घटना मॉड्यूल और सुरक्षा ऑडिट मॉड्यूल है. कोयला खनन का काम जटिल और चुनौतियों वाला है. ऐसे में कोयला खनन के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सख्त सेफ्टी मानक का होना आवश्यक है. कोयला कंपनियों को समग्र सेफ्टी नीति का पालन करना होता है. राष्ट्रीय कोयला खान सुरक्षा रिपोर्ट पोर्टल सुरक्षा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम है. दुर्घटना मॉड्यूल के तहत 24 घंटे के अंदर घटना की रिपोर्ट दर्ज होगी और इससे घटना के प्रबंधन में आसानी होगी. सुरक्षा ऑडिट मॉड्यूल ऑडिट प्रक्रिया को बेहतर बनाने का काम करेगा. इससे खनन क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी. अक्सर कोयला खदान में दुर्घटना के कारण मजदूरों के मौत की खबर आती है. कोयला मंत्रालय की कोशिश दुर्घटना को शून्य करने की है. इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. 

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Published by: Anjani kumar singh

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