नयी दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोई वैक्सीन नहीं है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन की खरीद हम राज्यों पर नहीं छोड़ सकते. हमारा देश कोविड-19 के खिलाफ युद्ध में है. अगर पाकिस्तान भारत पर हमला करता है, तो क्या हम राज्यों को अपने दम पर छोड़ देंगे? क्या यूपी अपने टैंक खरीदेगा या दिल्ली अपने हथियार?.
पिछले चार दिनों से 18 से 44 आयु वर्ग के वैक्सीनेशन सेंटर बंद हैं. सिर्फ यहीं नहीं, पूरे भारत में कई सेंटर बंद हैं. उन्होंने कहा कि आज जब हमें वैक्सीनेशन के नये सेंटर खोलने चाहिए थे, लेकिन अब हम मौजूदा वैक्सीनेशन सेंटरों को भी बंद कर रहे हैं. यह अच्छा नहीं है. मालूम हो कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर प्रति माह 80 लाख वैक्सीन की खुराक देने की मांग की थी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार अभी तक कोई भी राज्य सरकार वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं खरीद पायी है. वैक्सीन कंपनियों ने राज्य सरकारों से बात करने से किया इनकार कर दिया है.
उन्होंने कहा कि यह राज्य और केंद्र दोनों के लिए एकजुट होकर काम करने का समय है, ना कि अलग-अलग काम करने का. हमें टीम इंडिया की तरह काम करने की जरूरत है. वैक्सीन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, राज्यों की नहीं. अगर हम इसमें और देरी करते हैं, तो ना जाने कितनी जानें चली जायेंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश वैक्सीन क्यों नहीं खरीद रहा है? हम इसे राज्यों पर नहीं छोड़ सकते. हमारा देश कोविड-19 के खिलाफ युद्ध में है. अगर पाकिस्तान भारत पर हमला करता है, तो क्या हम राज्यों को अपने दम पर छोड़ देंगे? क्या उत्तर प्रदेश अपने टैंक खरीदेगा या दिल्ली अपने हथियार?.
मालूम हो कि इससे पहले स्पुतनिक-वी के वैक्सीन को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनसे बातचीत चल रही है. उनके लोगों ने कल हमारे अधिकारियों के साथ बैठक की थी. बातचीत चल रही है कि वे हमें कितनी मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध करायेंगे. वे हमें आपूर्ति करेंगे.
