NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की खबर आने के कुछ देर बाद राजधानी के एक होटल में जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.
इस्तीफे के बाद खत्म हुआ आंदोलन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि वह नहीं चाहते कि मौजूदा स्थिति का गलत राजनीतिक फायदा उठाया जाए और छात्रों का ध्यान उनके भविष्य से भटके. उनके इस्तीफे के बाद CJP ने जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे अपने विरोध-प्रदर्शनों को वापस लेने की घोषणा कर दी.
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने CJP नेताओं के जश्न को असंवेदनशील बताया. यूजर्स का कहना है कि पेपर लीक विवाद, दोबारा परीक्षा और मानसिक तनाव के कारण कई छात्रों और परिवारों ने कठिन दौर देखा है. ऐसे समय में राजनीतिक जीत का जश्न मनाना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम माना जा रहा है.
सौरव दास बोले- यह Gen-Z का स्टाइल है
होटल में डांस पार्टी के वीडियो पर सवाल उठने पर सौरव दास ने X पर लिखा- इससे सिर्फ यही साबित होता है कि सरकार और कुछ लोग आज की Gen-Z और नई पीढ़ी की सोच और भाषा को नहीं समझते. उन्होंने कहा-हम जितने दिन जरूरत होगी, सड़क पर बैठकर आंदोलन कर सकते हैं. हम नाचते हुए भी विरोध कर सकते हैं. हम कोल्ड कॉफी पीते हुए भी आंदोलन का संगठन कर सकते हैं.
बदलाव की लड़ाई लड़ने के लिए हमें वैसा दिखने की जरूरत नहीं है, जैसा पिछली पीढ़ियां सोचती हैं कि कोई आंदोलन होना चाहिए (इसका मतलब किसी का अपमान करना नहीं है)हमारी पीढ़ी ऐसी ही है, आत्मविश्वास से भरी, रचनात्मक, मजबूत और किसी तय छवि में बांध पाना नामुमकिन है। अंकल-आंटी शिकायत करते रहें, उन्हें हमारे साथ तालमेल बिठाना ही होगा.
BJP ने भी उठाए सवाल
इस मामले पर BJP नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. वरिष्ठ अधिवक्ता और BJP नेता महेश जेठमलानी समेत कई नेताओं ने आंदोलन की फंडिंग और उसके संचालन को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि लंबे समय तक चले इस आंदोलन के पीछे इस्तेमाल हुए संसाधनों और धन के स्रोत पर भी स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए.
नेतृत्व और आंदोलन पर नई बहस
होटल पार्टी का यह वीडियो अब केवल एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि आंदोलन की प्राथमिकताओं और उसके नेतृत्व पर सवालों का केंद्र बन गया है. समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं. ऐसे में यह विवाद अब सड़क से निकलकर सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का मुद्दा बन चुका है.
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