CJI Suryakant on Student Protest : मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को साफ कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं हुई थी.
उन्होंने कहा कि अदालत के रजिस्ट्रार से रिकॉर्ड की जांच कराई गई और सुबह 10 बजे तक इस मामले में एक भी पन्ना दाखिल नहीं किया गया था. ऐसे में यह कहना कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया, सही नहीं है.
'सिर्फ एक चिट्ठी आई थी, याचिका नहीं'
CJI ने कहा कि अदालत के पास सिर्फ एक प्रतिनिधित्व यानी एक चिट्ठी भेजी गई थी. उन्होंने कहा कि किसी चिट्ठी को रिट याचिका नहीं माना जा सकता. मीडिया रिपोर्ट के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना याचिका दाखिल हुए यह खबर चलाना कि मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, गैरजिम्मेदाराना रिपोर्टिंग है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में इस तरह की गलत खबरें लगातार चलाई गईं.
दो दिन पहले क्या हुआ था?
20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने बिना लिखित याचिका दाखिल किए सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने की अपील की थी. उन्होंने अदालत से कहा था कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो मौजूद हैं, जिनमें पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही है.
इस पर अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि उसके पास वीडियो देखने का समय नहीं है. हालांकि, उस समय भी कोई औपचारिक याचिका दाखिल नहीं की गई थी.
दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई
इस मामले की सुनवाई फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है. हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. साथ ही पुलिस कार्रवाई से जुड़े CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी. दूसरी ओर, छात्र आंदोलन से जुड़े संगठन CJP ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, केंद्र सरकार से बातचीत का भरोसा मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन खत्म कर दिया है.
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