नयी दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने रेलवे के निजीकरण की शुरुआत कर दी है. इसके अलावा देश के 6 एयरपोर्ट को भी प्राइवेट कंपनियों के हाथों लीज पर दे दिया है. इसके बाद एक खबर मीडिया में तेजी से वायरल रही है कि केंद्र सरकार, सरकारी स्कूलों के भी निजीकरण करने की तैयारी मैं है.
वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि देश के तमाम सरकारी स्कूलों का निजीकरण हो जाएगा. मैसेज में दावा किया जा रहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पूरे देश में सरकारी स्कूलों के निजीकरण की तैयारी शुरू कर दी है.
वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि इसके लिए नीति आयोग ने दलील दी है कि पढ़ाई-लिखाई के लिहाज से खराब स्तर वाले सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में सौंप देना चाहिए.
वायरल मैसेज की पड़ताल
देश के सारे सरकारी स्कूलों के निजीकरण को लेकर वायरल हो रहे मैसेज की पड़ताल पीआईबी की टीम ने की. पीआईबी की टीम ने पाया कि सरकारी स्कूलों के निजीकरण को लेकर वायरल हो रहे मैसेज पूरी तरह से फर्जी हैं और केंद्र सरकार की ऐसी कोई भी योजना नहीं है.
पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने वायरल हो रहे मैसेज को लेकर ट्वीट किया और लोगों को ऐसे वायरल फर्जी मैसेज से बचने की सलाह दी है. पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने ट्वीट किया और लिखा, दावा: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण होगा. fact check :- यह दावा फर्जी है, सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के निजीकरण को लेकर ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
वायरल मैसेज से रहें सावधान
कोरोना वायरस संकट के इस दौर में सोशल मीडिया पर ऐसे कई फर्जी मैसेज वायरल हो रहे हैं. हम आपको सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया में ऐसे कोई भी मैसेज पर तब तक विश्वास न करें जब तक इसकी पुष्टि न हो जाए. मैसेज को दूसरों के पास भेजने से पहले हमें कई बार उसकी सत्यता की पड़ताल कर लेनी चाहिए.
Posted By – Arbind Kumar Mishra
