इतनी देरी! छत्तीसगढ़ के रेल प्रोजेक्ट्स की गूंज राज्यसभा में सुनाई दी

कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की रेल प्रोजेक्ट्स सालों से सिर्फ कागजों पर चल रही हैं, जमीन पर काम नजर नहीं आता. जानें उन्होंने नितिन गडकरी को लेकर क्या कहा.

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में छत्तीसगढ़ के रेल प्रोजेक्ट्स पर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि सभी राज्यों पर बराबर ध्यान दिया जाए. शून्यकाल में मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि दल्ली राजहरा से रावघाट होते हुए जगदलपुर तक रेल लाइन का विस्तार लंबे समय से पेंडिंग है. यह प्रोजेक्ट बस्तर इलाके के विकास के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन अब तक इस पर ठोस प्रगति नहीं दिख रही है.

उन्होंने कहा कि खरसिया से धर्मजयगढ़ और गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक नई रेल लाइनों की घोषणा तो बड़े जोर-शोर से हुई, लेकिन उसके बाद कोई खास काम आगे नहीं बढ़ा. हालात वही के वही बने हुए हैं. शुक्ला ने कहा कि इसी तरह सारंगढ़, बिलाईगढ़ और आसपास के क्षेत्र की बरसों पुरानी मांग रायपुर-सारंगढ़-झारसुगुड़ा नयी रेल प्रोजेक्ट्स भी 15 साल बीत जाने के बावजूद कागजों पर ही है.

प्रोजेक्ट का सर्वेक्षण 2010 में हुआ था : राजीव शुक्ला

राजीव शुक्ला ने कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का सर्वेक्षण 2010 में हुआ था. तब इसकी लंबाई 310 किमी और लागत 2161 करोड़ रुपये थी. उन्होंने कहा कि अब तो 15 साल बीत गए लेकिन यह फाइलों में ही है. सर्वेक्षण को डेढ़ दशक से अधिक समय बीत गया, जाहिर है कि लागत बढ़ गई होगी. यह रेल लाइन ही नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण राज्यों के बीच आर्थिक संपर्क की पटरी है.

पिछली योजनाएं कहां तक पहुंचीं यह भी देखा जाए

उन्होंने कहा कि सारंगढ़ और आसपास का क्षेत्र धान उत्पादन, सिल्क व्यापार के लिए जाना जाता है. यह इलाका खनिज संसाधनों से भरपूर नजर आता है. कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कई साल से राज्य की रेल प्रोजेक्ट फाइलों पर ही दौड़ रही हैं और पटरियों पर उनका नामोनिशान नहीं है. नयी घोषणाएं हो जाती हैं लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि पिछली योजनाएं कहां तक पहुंचीं.

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नितिन गडकरी की तारीफ की शुक्ला ने

राजीव शुक्ला ने कहा कि जिस तरह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सबके साथ समान व्यवहार करते हैं. उसी तरह मैं अन्य मंत्रियों से भी अनुरोध करता हूं कि वे भी हर राज्य के साथ समान व्यवहार करें. 

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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