दोनों महिलाएं अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ रिश्ते में थीं. एक महिला परिवार के खिलाफ जाकर शादी कर चुकी थी. बाद में महिला के परिवार ने उन्हें उनके साथियों से अलग कर इन दोनों लोगों के पास छोड़ दिया था. गिरफ्तार आरोपियों में 75 वर्षीय दरोगा सिंह और उनके साले 56 वर्षीय रमेश टेकाम शामिल हैं.
25 साल की आदिवासी महिला ने पुलिस को बताया कि उसने अप्रैल में दूसरी जाति के एक युवक से शादी की थी. महिला का आरोप है कि 4 जुलाई को उसके माता-पिता और रिश्तेदार उसे जबरन वापस ले आए. उसने दावा किया कि यह सब दरोगा सिंह और रमेश टेकाम के कहने पर हुआ. इसके बाद परिवार वालों ने उसे दोनों आरोपियों के हवाले कर दिया.
महिला के साथ 4 जुलाई को सामूहिक दुष्कर्म किया गया
इंडियन एक्सप्रेस ने पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से खबर दी है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने महिला को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया था, लेकिन उसी बहाने 4 जुलाई को उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोप है कि महिला की गर्भावस्था खत्म करने की नीयत से उसे जबरन गर्भपात की गोलियां भी खिलाई गईं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. महिला ने किसी तरह अपने पति से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद उसके पति ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने 5 जुलाई को कार्रवाई करते हुए महिला को आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला.
मुख्यालय डीएसपी आशा दास ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद दरोगा सिंह और रमेश टेकाम फरार हो गए थे. पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और 19 जुलाई को दोनों को गिरफ्तार कर लिया. डीएसपी ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
17 साल की लड़की ने भी लगाया दुष्कर्म का आरोप
अधिकारी ने बताया कि उसी महिला ने पुलिस को जानकारी दी कि उन दो लोगों ने एक 17 साल की लड़की को भी जबरदस्ती अपने पास रखा था. 10 जुलाई को पुलिस ने नाबालिग लड़की का बयान दर्ज किया, जिसमें उसने बताया कि उन दोनों ने उसके साथ भी दुष्कर्म किया था. 17 साल की लड़की ने बताया कि वह दूसरी जाति के एक व्यक्ति के साथ भाग गई थी. उसने आरोप लगाया कि इस साल की शुरुआत में उस व्यक्ति की POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तारी के बाद, उसके माता-पिता ने उसे दो समुदाय के नेताओं के पास भेज दिया था.
पुलिस ने आरोपियों पर लगाया POCSO
पुलिस ने बताया कि दरोगा सिंह और रमेश टेकाम के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, गंभीर दुष्कर्म, जबरन गर्भपात कराने, नाबालिग से यौन उत्पीड़न और पॉक्सो (POCSO) कानून की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, रमेश टेकाम पर पहले भी दुष्कर्म का आरोप लग चुका है और उसे वर्ष 2021 में भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया गया था.
