DPDP Rules: पैरेंट्स की इजाजत के बिना नहीं खुलेगा सोशल मीडिया अकाउंट, जल्द आएगा नियम

DPDP Rules: रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा का डीपीडीपी नियमों का मसौदा परामर्श के लिए खुला है. आपकी राय चाहता हूं.

DPDP Rules: केंद्र सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों मसौदा जारी किया है. इस मसौदे का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं है. मिली जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किए गए मसौदा नियमों पर 18 फरवरी के बाद अंतिम नियम बनाने के लिए विचार किया जाएगा. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलने के लिए अपने पैरेंट्स या अभिभावक की सहमति लेना अनिवार्य होगा.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मांगी राय

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी अधिसूचना में कहा है जनता इन मसौदा नियमों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं. जनता अपना फीडबैक सरकार के नागरिक सहभागिता मंच MyGov.in के माध्यम से दे सकते हैं. सरकार जनका के फीडबैक पर 18 फरवरी 2025 के बाद विचार कर सकती है. रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा का डीपीडीपी नियमों का मसौदा परामर्श के लिए खुला है. आपकी राय चाहता हूं.

मसौदा अधिसूचना में कहा गया है कि ‘डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धारा 40 की उप-धाराओं (1) और (2) की शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार की ओर से अधिनियम के लागू होने की तिथि को या उसके बाद बनाए जाने वाले प्रस्तावित नियमों का मसौदा प्रकाशित किया जाता है.’ मसौदा नियमों में डिजिटल डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत व्यक्तियों की सहमति लेने, डाटा प्रसंस्करण निकायों और अधिकारियों के कामकाज से संबंधित प्रावधान तय किए गए हैं.

मसौदा नियमों पर 18 फरवरी के बाद किया जाएगा विचार

अधिसूचना में कहा गया है कि मसौदा नियमों पर 18 फरवरी 2025 के बाद विचार किया जाएगा. मसौदा नियमों में डीपीडीपी अधिनियम, 2023 के तहत स्वीकृत दंड का जिक्र नहीं किया गया है. व्यक्तिगत डिजिटल डेटा संरक्षण नियमों का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. फिलहाल सरकार ने जो मसौदा तैयार किया है उसमें नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई का जिक्र नहीं है. सरकार ने अभी सिर्फ लोगों से राय मांगी है.

Also Read:Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, भीड़ ने SP दफ्तर पर किया हमला, पुलिस अधीक्षक हुए जख्मी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pritish sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >