नयी दिल्ली : संसद के आगामी मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक सरकार द्वारा पेश किये जाने की उम्मीद है. सरकार ने मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक बुलायी है. वहीं, राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल मानसून सत्र के पहले कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं के साथ परामर्श किया.
संसद का आगामी मानसून सत्र 19 जुलाई, 2021 से शुरू हो रहा है. इस दौरान सरकार द्वारा मानसून सत्र में डीएनए प्रौद्योगिकी विधेयक, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के रखरखाव और कल्याण, सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी विधेयक, न्यायाधिकरण सुधार विधेयक और फैक्टरिंग विनियमन संशोधन विधेयक सहित अन्य 15 विधेयकों पर विचार करने की उम्मीद है.
मानसून सत्र के 19 जुलाई के शुरू होने के पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलायी है. यह बैठक करीब 11 बजे दिन में शुरू होगी. संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार होने की संभावना जतायी जा रही है. विपक्षी दल बढ़ रही महंगाई, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते मूल्य, कोरोना से संबंधित मुद्दे, बेरोजगारी, किसान आंदोलन जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेर सकती है.
इधर, राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने संसद के मानसून सत्र से पहले पूर्व प्रधानमंत्री व कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा के साथ परामर्श किया. वहीं, भाजपा ने संसदीय दल की कार्यकारिणी की बैठक स्थगित कर दी है. बताया जाता है कि बैठक बाद में होगी.
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सभी सांसदों को वैक्सीन की खुराक लेनी है. वैक्सीन नहीं लेनेवाले सांसदों की जांच दोनों सदनों में सोमवार की सुबह 11 बजे शुरू होगी. जिन सांसदों को कोरोना वैक्सीन नहीं लगी है, उनकी आरटी-पीसीआर जांच की जायेगी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के मुताबिक 323 सांसदों को कोरोना की दोनों खुराकें दी जा चुकी हैं. जबकि, 23 सांसद कोरोना की एक भी खुराक नहीं ले सके हैं.
