Caste Census: जाति जनगणना पर RSS का बड़ा बयान, इसका इस्तेमाल चुनावी उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए

Caste Census: जाति आधारित जनगणना पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बड़ा बयान सामने आया है. आरएसएस ने कहा, इसका इस्तेमाल चुनावी उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए.

Caste Census: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जाति आधारित जनगणना को संवेदनशील मुद्दा बताया. आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा, हमारे हिंदू समाज में, हमारी जाति और जाति संबंधों का एक संवेदनशील मुद्दा है. यह हमारी राष्ट्रीय एकता और अखंडता का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. इसलिए इसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए, न कि केवल चुनाव या राजनीति के लिए.

आरएसएस ने इस मामले में जाति जनगणना का किया समर्थन

आरएसएस ने जाति जनगणना पर आगे कहा, सभी कल्याणकारी गतिविधियों के लिए, विशेष रूप से किसी विशेष समुदाय या जाति को संबोधित करना जो पिछड़ रहे हैं और जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. कभी-कभी सरकार को संख्याओं की आवश्यकता होती है, तो उन्हें ले सकती है. सरकारें पहले भी संख्याएं ली हैं, वह इसे ले सकती है, कोई समस्या नहीं है. लेकिन यह केवल उन समुदायों और जातियों के कल्याण को संबोधित करने के लिए होना चाहिए. इसे चुनाव प्रचार के लिए एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसलिए हमने सभी के लिए एक चेतावनी रेखा रखी है.

आरएसएस ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्रीय समन्वय सम्मेलन ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश सरकार के साथ बातचीत करने का आग्रह किया है. आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सोमवार को यहां संपन्न हुए तीन दिवसीय सम्मेलन ‘समन्वय बैठक’ में बांग्लादेश की स्थिति को बहुत संवेदनशील मुद्दा बताया गया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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