सूरत में 5 मंजिला इमारत ढहने के बाद सुनाई दी चीखें, 7 की मौत

गुजरात के सूरत शहर में 5 मंजिला इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. जानें एनडीआरएफ के अधिकारी ने क्या बताया

गुजरात के सूरत शहर के पाल इलाके में शनिवार को 5 मंजिला आवासीय इमारत ढह गई. इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई. एनडीआरएफ इंस्पेक्टर बाबूलाल यादव ने जानकारी दी कि 5 मंजिला इमारत के ढहने की सूचना मिली. हमें बताया गया कि कुछ लोग मलबे में फंसे हुए हैं. अबतक 7 शव निकाले गए हैं. एक व्यक्ति को भी निकाला गया है जो जिंदा है. हम यह नहीं बता सकते कि कितने और पीड़ित फंसे हुए हैं, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

सूरत के डीसीपी राजेश परमार ने कहा कि पिछले 12 घंटे से बचाव अभियान चल रहा है. एक महिला को बचा लिया गया है और 7 शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. हम मलबा साफ कर रहे हैं.

सुनाई दी चीखें

घटना शनिवार दोपहर में करीब दो बजकर 45 मिनट पर हुई. इमारत का निर्माण 2016-17 में हुआ था. आयुक्त ने बताया कि करीब पांच फ्लैटों में लोग रहते थे, जिनमें से ज्यादातर इस इलाके के कारखानों में काम करने वाले लोग थे. जब बचाव कार्य शुरू हुआ, तो फंसे हुए लोगों की चीखें सुनाई दे रहीं थीं. सूरत के जिलाधिकारी सौरभ पारधी भी पुलिस, अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुंचे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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