Budget 2025 : भारत सरकार का बजट था या बिहार सरकार का? विपक्ष का तंज

Budget 2025 : केंद्र सरकार ने मिडिल क्लास को बहुत बड़ी राहत दी है. अब 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं देना होगा. जानें नेताओं ने बजट को लेकर क्या कहा?

Budget 2025 : मिडिल क्लास और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए बजट पेश किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार को कई सौगात दी. बजट पर विपक्ष की प्रतिक्रिया आ रही है. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ”मैं यह समझने में असफल रहा कि यह भारत सरकार का बजट था या बिहार सरकार का? क्या आपने केंद्रीय वित्त मंत्री के पूरे बजटीय भाषण में बिहार के अलावा किसी अन्य राज्य का नाम सुना है?”

कुल मिलाकर घोषणाएं बिहार के लिए बहुत सकारात्मक : संजय कुमार झा

जेडी(यू) सांसद संजय कुमार झा ने कहा, ”बिहार के लिए सबसे बड़ी घोषणा यह है कि यहां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेगा. यह बहुत बड़ी घोषणा है. मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. 85-90% मखाना की खेती मिथिला क्षेत्र, कोसी क्षेत्र में होती है. मखाना की अब वैश्विक मांग है. पश्चिमी कोसी सिंचाई प्रणाली मिथिला क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग थी. वित्त मंत्री ने इसके लिए घोषणा की है. खाद्य प्रसंस्करण संस्थान की घोषणा भी की गई है. इसलिए, कुल मिलाकर ये घोषणाएं बिहार के लिए बहुत सकारात्मक हैं. 12 लाख रुपये तक की कर छूट एक बड़ी राहत है.”

ये भी पढ़ें : Budget 2025: बिहार में मखाना बोर्ड का होगा गठन, बजट पेश कर रहीं निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान

बिहार में रोजगार के अवसर पैदा होंगे: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, ” बिहार को भी प्राथमिकता मिली है. राज्य के लिए बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की गई है. यह बजट गरीबों, किसानों के कल्याण और मध्यम वर्ग की मदद के लिए है. यह बजट ऐसा है जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे. मखना बोर्ड की घोषणा खास थी. मैं बिहार की जनता की ओर से पीएम मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूं.”

मखाना की खेती करने वाले किसानों का वह सपना पूरा : मंगल पांडे

बिहार में मखाना बोर्ड की घोषणा पर बिहार के मंत्री मंगल पांडे ने कहा, ”मैं बिहार के लाखों किसानों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देना चाहता हूं. ये किसान बहुत लंबे समय से मखाना बोर्ड के गठन की मांग कर रहे थे, जैसे चाय बोर्ड और रबर बोर्ड है. हमने इस बोर्ड के गठन का अनुरोध तब किया, जब शिवराज सिंह चौहान हाल ही में पटना आए थे. आज केंद्रीय बजट 2025 के दौरान वित्त मंत्री द्वारा घोषणा के माध्यम से मखाना की खेती करने वाले किसानों का वह सपना पूरा हो गया है.”

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >