राम मंदिर चढ़ावे पर बृजभूषण सिंह का सनसनीखेज दावा, बोले- सब पता है, लेकिन सच बोलना भारी पड़ जाएगा

बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और चोरी के आरोपों पर कहा कि उन्हें इस मामले की काफी जानकारी है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वह इस मुद्दे पर खुलकर सच बोलने की स्थिति में नहीं हैं.

बृजभूषण सिंह ने जिले के विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर बुधवार (10 जून) को मीडिया से बात की. उन्होंने बातचीत में कहा कि मैं बहुत कमजोर आदमी हूं. अगर मैं सच बोल दूंगा तो बहुत परेशानी में पड़ जाऊंगा क्योंकि ‘वे’ बहुत बड़े लोग हैं. सच बोलने की हिम्मत अभी मेरे अंदर नहीं है. कभी समय आएगा तो बोलूंगा. उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि  “वे” से उनका तात्पर्य किससे है.

महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों पर क्या बोले सिंह?

सिंह का ये कमेंट अयोध्या में राम मंदिर के दान में कथित गबन को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आई है. दिल्ली करीब 10 दिन के बाद वे लौटे. इससे पहले वे अपने गांव में थे. सिंह ने अपने हालिया राजनीतिक और सामाजिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से वह कई जटिल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं. साल 2023 में कुछ महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े विवाद का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से उस प्रकरण से उपजी परिस्थितियों को संभालने में लगे हुए हैं.

धर्मेंद्र प्रधान का बचाव बृजभूषण शरण सिंह ने किया

नीट पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर बृजभूषण शरण सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया. उन्होंने कहा कि किसी मंत्री के इस्तीफा देने से समस्या खत्म नहीं होगी. बृजभूषण के मुताबिक पेपर लीक के पीछे एक पूरा संगठित नेटवर्क काम करता है, जिसमें अलग-अलग स्तर के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी मंत्री के पद छोड़ देने से भविष्य में पेपर लीक रुकने की गारंटी दी जा सकती है.

बृजभूषण सिंह ने कहा कि मंत्री प्रत्येक परीक्षा केंद्र या व्यवस्था की व्यक्तिगत निगरानी नहीं कर सकता. उनके अनुसार जब तक दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पहली बार बड़े अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती दिखाई दे रही है और उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा सरकार नकल एवं पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने में सफल होगी.

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Published by: Amitabh Kumar

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