ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर की पत्नी गीतिका लिड्डर ने कहा कि हमें उन्हें एक अच्छी विदाई देनी चाहिए, मुस्कुराते हुए विदा करना चाहिए. मैं एक सैनिक की पत्नी हूं, यह मेरे लिए बहुत बड़ा नुकसान है. गर्व तो है पर दुख भी बहुत ज्यादा है. मैंने कभी ऐसा उनके लिए नहीं सोचा था.
ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर की मौत भी सीडीएस बिपिन रावत के साथ ही हेलिकॉप्टर क्रैश में हुई है. ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर की पत्नी और बेटी आशना लिड्डर ने आज उन्हें अंतिम विदाई दी. उस दौरान दोनों भावुक होकर रोने लगीं.
मेरे पापा मेरे हीरो थे : आशना लिड्डर
ब्रिगेडियर की बेटी आशना लिड्डर ने कहा कि मैं 17 साल की होने जा रही हूं. मेरे पिता मेरे साथ 17 साल तक रहे मैं उनकी अच्छी यादों को संजोकर रखूंगी. मेरे पिता का चला जाना पूरे देश के लिए बड़ी क्षति है. मेरे पिता मेरे हीरो थे, मेरे सबसे अच्छे दोस्त थे. शायद यही नियति को मंजूर था. वह मेरे सबसे बड़े प्रेरक थे.
ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर का अंतिम संस्कार दिल्ली छावनी के बरार स्क्वायर श्मशान में पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ. आशना लिड्डर और उनकी मां को अंतिम संस्कार के दौरान कई बार टूटते हुए देखा गया.
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ब्रिगेडियर लिड्डर के अंतिम संस्कार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे. अंतिम संस्कार से पहले तीनों सेना के प्रमुख भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने ब्रिगेडियर लिड्डर को श्रद्धांजलि दी.
सेना की ओर से जानकारी दी गयी थी कि कुनूर हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे गये 13 लोगों में से सिर्फ तीन जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और ब्रिगेडियर लिड्डर शव की ही पहचान हो पायी है, बाकी लोगों की पहचान डीएनए टेस्ट के जरिये होगी.
