पाक का साथ देकर ‘बेजान’ हो जाएंगे तुर्की और अजरबैजान! भारत में उठी बॉयकॉट की मांग, ट्रिप कैंसिल कर रहे लोग

Boycott Turkey And Azerbaijan: ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देकर तुर्की और अजरबैजान ने खुद के पैर पर कुल्हाड़ी नहीं, बल्कि कुल्हाड़ी पर अपना पैर रख दिया है. तुर्की ने भारत पर हमला के लिए पाकिस्तान को 300 से अधिक ड्रोन दिए और अपने सैनिक भी भेज दिया. दोनों देशों ने पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है. भारत से पंगा लेना दोनों ही देशों को भारी पड़ सकता है. इसका असर भी दिखने लगा है. भारत में तुर्की और अजरबैजान बॉयकॉट की मांग उठने लगी है.

Boycott Turkey And Azerbaijan

Boycott Turkey And Azerbaijan: ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देना तुर्की और अजरबैजान को भारी पड़ सकता है. भारत में दोनों देशों के खिलाफ बॉयकॉट की मांग उठने लगी है. लोग तेजी से अपना ट्रिप कैंसिल कर रहे हैं. भारतीय पर्यटकों ने दोनों देशों में जाने से इनकार कर दिया है. दोनों देशों का वही हाल होने वाला है, जो पर्यटकों के बहिष्कार के बाद मालदीव का हुआ था.

तुर्की और अजरबैजान के 50 प्रतिशत बुकिंग कैंसिल

ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष ज्योति मयाल ने बताया, “भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए की गई 50% बुकिंग रद्द हो गई हैं. हमने पर्यटन क्षेत्र में तुर्की और अजरबैजान की बहुत मदद की है और उनका समर्थन किया है. हमें इस बात पर अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए कि उन्होंने भारत के साथ कैसा व्यवहार किया है. हम इन देशों की यात्रा का विरोध कर रहे हैं.”

तुर्की और अजरबैजान के खिलाफ ट्रैवल एडवाइजरी जारी

तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार करने के आह्वान पर, EaseMyTrip के सह-संस्थापक, प्रशांत पिट्टी ने कहा, “जब हमें पता चला कि ये देश गलत पक्ष का समर्थन कर रहे हैं, तो हम तुर्की और अजरबैजान के खिलाफ ट्रैवल एडवाइजरी जारी करने वाले पहले व्यक्ति थे. हमारे बाद, कई ट्रैवल एजेंसियों ने हमारी सलाह को माना.”

पाकिस्तान तुर्की ड्रोन का एक बड़ा खरीदार

पाकिस्तान को तुर्की के सैन्य समर्थन पर, तुर्की में भारत के पूर्व राजदूत संजय पांडा ने कहा, “��में यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि ऐसा नहीं है कि तुर्की पाकिस्तान को ड्रोन उपहार में दे रहा है. पाकिस्तान तुर्की ड्रोन का एक बड़ा खरीदार है. तुर्की इसका व्यापक रूप से मार्केटिंग करता है. ड्रोन के अलावा, अन्य सैन्य उपकरण भी हैं जो तुर्की वाणिज्यिक आधार पर पाकिस्तान को देता रहा है. पाकिस्तान ने तुर्की से 4 MILGEM श्रेणी के कोरवेट खरीदे हैं. तुर्की से पाकिस्तान को जो भी समर्थन मिला है, वह चीन से मिलने वाले समर्थन की तुलना में बहुत कम है. पिछले साल, उसने तुर्की से लगभग 5-6 मिलियन डॉलर के सैन्य उपकरण खरीदे थे.”

अजरबैजान और तुर्की के लिए बुकिंग में आई 60% की कमी

MakeMyTrip के प्रवक्ता ने बताया, अजरबैजान और तुर्की के लिए बुकिंग में 60% की कमी आई है, जबकि ट्रिप कैंसिल करने में में 250% की वृद्धि हुई है. अपने देश के साथ एकजुटता और अपने सशस्त्र बलों के प्रति गहरे सम्मान के कारण, हम इस भावना का दृढ़ता से समर्थन करते हैं और सभी को अजरबैजान और तुर्की की सभी गैर-जरूरी यात्राओं के खिलाफ सलाह देते हैं. हमने अपने प्लेटफॉर्म पर तुर्की और अजरबैजान को लेकर सभी प्रचार और ऑफर पहले ही बंद कर दिए हैं.

तुर्की में भूकंप आया था, तो भारत ने किया था सपोर्ट

तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार करने के आह्वान पर चैंबर ऑफ कॉमर्स की पर्यटन समिति के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब तुर्की में भूकंप आया था, तो हमने वहां बहुत मदद की थी. हमने अपने डॉक्टर, डॉग स्क्वॉड और मेडिकल स्क्वॉड भी भेजे थे. हमने इसे ऑपरेशन दोस्त नाम दिया था. हम सोच भी नहीं सकते थे कि तुर्की ऐसा कदम उठाएगा और वह हमारे दुश्मन के साथ मिलकर सब कुछ करेगा. ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और बाकी ट्रैवल एसोसिएशन ने तुर्की और अजरबैजान के बहिष्कार का समर्थन किया है.”

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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