भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर अपमानजनक टिप्पणी का असर मालदीव के अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है. दरअसल, इस देश की अर्थव्यवस्था टूरिज्म पर निर्भर है. बताया जा रहा है कि हर साल भारत से तीन लाख के आसपास पर्यटक वहां घूमने जाते हैं. जो मालदीव के व्यवहार के कारण अपना रूख मोड़ सकते हैं. वहीं, भारत और मालदीव के बीच छिड़े कूटनीतिक विवाद के बीच घरेलू टूर ऑपरेटरों के संगठन आईएटीओ ने कहा कि मालदीव की यात्रा के लिए कोई भी नई पूछताछ नहीं आ रही है. मालदीव के कुछ मंत्रियों ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीयों के बारे में कुछ अपमानजनक टिप्पणियां की थी जिसके बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया हुआ है. इससे दोनों देशों के संबंधों में तल्खी आ गई है. इसका असर मालदीव की यात्रा करने की योजना बनाने वाले भारतीयों पर भी पड़ा है. हालांकि पहले से यात्री की बुकिंग करा चुके लोगों ने अपनी यात्रा रद्द नहीं की है लेकिन नई बुकिंग को लेकर आने वाली पूछताछ बहुत कम हो गई है. टूर ऑपरेटर निकाय इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के अध्यक्ष राजीव मेहरा ने कहा कि हमने पूर्व-निर्धारित यात्रा रद्द होते हुए नहीं देखा है क्योंकि लोगों ने यात्रा से संबंधित बुकिंग पर पैसा लगाया है. लेकिन 15-20 दिनों में हमें कुछ असर देखने को मिल सकता है. भारतीय पर्यटकों की ओर से मालदीव के लिए कोई नई पूछताछ नहीं आ रही है.
VIDEO: बॉयकॉट से मालदीव की अर्थव्यवस्था को लग सकता है तगड़ा झटका!

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर अपमानजनक टिप्पणी का असर मालदीव के अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है. दरअसल, इस देश की अर्थव्यवस्था टूरिज्म पर निर्भर है. बताया जा रहा है कि हर साल भारत से तीन लाख के आसपास पर्यटक वहां घूमने जाते हैं.