Book Release: प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी और अनुज कुमार सिन्हा की किताब का दिल्ली में हुआ लोकार्पण

Book Release: प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी की किताब ‘समाचारों की बिसात पर’ और कार्यकारी संपादक (झारखंड) अनुज कुमार सिन्हा की ‘जमीनी और क्षेत्रीय पत्रकारिता की ताकत’ का लोकार्पण दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को हुआ.

Book Release: राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी की किताब ‘समाचारों की बिसात पर’ और कार्यकारी संपादक (झारखंड) अनुज कुमार सिन्हा की ‘जमीनी और क्षेत्रीय पत्रकारिता की ताकत’ किताब का दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में लोकार्पण किया. इस कार्यक्रम में प्रभात खबर के कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता, CFO आलोक पोद्दार, वाइस प्रेसिडेंट विजय बहादुर, कॉरपोरेट संपादक विनय भूषण, प्रभात खबर डॉट कॉम के संपादक जनार्दन पांडे भी मौजूद थे.

प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने पत्रकारिता की चुनौतियों पर डाला प्रकाश

प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने पत्रकारिता की चुनौतियों पर प्रकाश डाला और कहा कि प्रभात खबर हमेशा सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता करता रहा है. उन्होंने कहा, प्रभात खबर ने झारखंड के कई गांवों को गोद लिया और बड़े बदलाव किए. फेक न्यूज की बढ़ती चुनौती पर चर्चा करते हुए प्रधान संपादक ने कहा, सोशल मीडिया के दौर में आज हर कोई संपादक है. वैसे दौर में अखबार की विश्वसनीयता बचाये रखना बड़ी चुनौती है. लेकिन हमारे साथी दिनरात मेहनत कर अखबार को निकालते हैं. एक संपादक की बड़ी भूमिका होती है कि किस तरह से पाठकों को सही और निष्पक्ष खबरें दे. आखिर में उन्होंने गुलजार की कविता की पंक्ति को प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा, किताबें झांकती हैं बंद आलमारी के शीशों से, बड़ी हसरत से तकती हैं, महीनों अब मुलाकातें नहीं होती, जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं.

आरके दत्ता ने कहा, प्रभात खबर ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई

प्रभात खबर के कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता ने कहा, हरिवंश जी में एक विश्वास और जुनून था और उन्होंने प्रभात खबर को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया. उन्होंने कहा, प्रभात खबर ने पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. प्रभात खबर में लोगों का भरोसा है, उनका मानना है कि अगर प्रभात खबर में कुछ छप गई, तो वह सच होगा. आरके दत्���ा ने कहा, किसी भी अखबार के लिए 40 वर्षों तक अपनी विश्वसनीयता और नंबर 1 के पोजीशन को बनाये रखना आसान नहीं है. लेकिन प्रभात खबर ने अपनी 40 वर्षों की यात्रा में यह कर दिखाया है.

दीये और तूफान से लड़ने की कहानी है प्रभात खबर की

प्रभात खबर के कॉरपोरेट संपादक विनय भूषण ने कार्यकारी संपादक अनुज कुमार सिन्हा को मंच पर अपनी बातें रखने और प्रभात खबर की कहानी बताने के लिए आमंत्रित किया. विनय भूषण ने कहा, प्रभात खबर की कहानी दीये और तूफान से लड़ने की कहानी है. किताब ‘जमीनी और क्षेत्रीय पत्रकारिता की ताकत’ के लेखक अनुज कुमार सिन्हा ने कहा, प्रभात खबर ने सच है तो छपेगा का सिद्धांत अपनाया. प्रभात खबर ने जनसरोकार की पत्रकारिता की. प्रभात खबर ने लोकल नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई.

कार्यक्रम में जुटे मीडिया जगत के दिग्गज

लोकार्पण कार्यक्रम में जुटे मीडिया जगत के दिग्गज

किताब ‘समाचारों की बिसात पर’ और ‘जमीनी और क्षेत्रीय पत्रकारिता की ताकत’ के लोकार्पण कार्यक्रम में मीडिया जगत के दिग्गज पहुंचे हैं.

रांची में भी हुआ था लोकार्पण

प्रभात खबर के प्रधान संपादक और कार्यकारी संपादक अनुज कुमार सिन्हा की किताब का लोकार्पण रांची में भी 25 सितंबर को एक भव्य कार्यक्रम में हुआ था. जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी मौजूद थे. उन्होंने दोनों किताबों के बारे में कई बातें बताई. उन्होंने कार्यक्रम में कहा था कि आज लोग पूछते हैं कि प्रिंट मीडिया का भविष्य है कि नहीं. इसपर उन्होंने कहा था, मैं मानता हूं यकीनन है. मीडिया पर यकीन में प्रिंट का प्रतिशत सबसे अधिक है. उन्होंने कहा था कि प्रिंट मीडिया को आगे ले जाने के लिए हमें नये विषय और आइडिया तलाशने होंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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