बीजेपी ने इस खास रणनीति से कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में दी पटखनी!

230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में 163 सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी है जबकि कांग्रेस 66 सीट पर सिमट गई है. इसी तरह के चुनाव परिणाम छत्तीसगढ़ और राजस्थान से सामने आये हैं. जानें बीजेपी की कौन सी रणनीति आई काम

लोकसभा चुनाव के पहले देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए जिसमें बीजेपी ने सफलता के झंडे गाड़े. जहां छत्तीसगढ़ और राजस्थान को बीजेपी ने कांग्रेस से छीना, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश की सत्ता वह बचाने में सफल रही. कांग्रेस को केवल तेलंगान में सरकार बनाने में सफलता प्राप्त हुई. बीजेपी की इस जीत के बाद पार्टी की रणनीति की चर्चा हो रही है. बड़ी संख्या में नए चेहरों को मैदान में उतारकर सत्ता विरोधी लहर और मतदाताओं के गुस्से को कम करना बीजेपी की रणनीति में शामिल थी जिसमें वह सफल होती भी नजर आई. इसका उपयोग 2022 के गुजरात चुनाव में बीजेपी ने किया था जिसका फल भी पार्टी को मिला.

छत्तीसगढ़ में बीजेपी की रणनीति हुई सफल

छत्तीसगढ़ पर नजर डालें तो यहां की 90 सीटों में कांग्रेस मजबूत दिख रही थी. बीजेपी ने 47 नये उम्मीदवार चुनावी मैदान पर उतार दिये. इसका परिणाम सकारात्मक रहा. इनमें से 32 विधायक बनने में सफल रहे. इसका मतलब है कि बीजेपी के लगभग 60% नवनिर्वाचित विधायक कम बोझ के साथ पहुंचे हैं. इनमें से कुछ संसद सदस्य हैं. कांग्रेस के रणनीतिकारों ने भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाने की बात कही थी. किसी भी सरकार को कुछ बहुत मतदाताओं के गुस्से का सामना करना पड़ता है. सबसे अधिक गुस्सा जनता का मंत्रियों पर निकलता है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने कुछ नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जबकि सभी मौजूदा मंत्रियों को सर्वेक्षणों के बाद भी उन्हें टिकट दिया गया. इसका परिणाम यह हुआ कि, 12 मौजूदा मंत्रियों में से केवल तीन ही जीत दर्ज कर सके. सत्तारूढ़ दल ने केवल 26 नए उम्मीदवार उतारे और उनमें से आधे यानी 13 ने जीत हासिल की.

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मध्य प्रदेश और राजस्थान पर एक नजर

इसके बाद बात यदि मध्य प्रदेश की करें तो बीजेपी की ओर से इस बार 40 नये उम्मीदवारों को उतारा गया था. इनमें से 30 ने जीत दर्ज की जबकि दस नये चेहरों को हार का सामना करना पड़ा. प्रदेश की 163 सीट जीतकर बीजेपी यहां सरकार बनाने की ओर अग्रसर है. सीएम को लेकर पार्टी मंथन कर रही है. नजर यदि राजस्थान की ओर ले जाएं तो यहां बीजेपी 39 नये चेहरों के साथ चुनावी मैदान पर उतरी. इनमें से 13 ने जीत दर्ज की जबकि 26 चुनाव हार गये. आपको बता दें कि राजस्थान में बीजेपी 115 सीटों पर जीत दर्ज की है और सरकार बनाने जा रही है. यहां भी मुख्यमंत्री को लेकर मंथन जारी है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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