BJP: कांग्रेस वोट बैंक के लिए देश बांटने वाली ताकतों का कर रही समर्थन

चुनाव प्रचार के बीच महाराष्ट्र में ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की चिट्ठी को लेकर विवाद बढ़ गया है. भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उलेमा बोर्ड की मांग का समर्थन कर देश बांटने का कुत्सित प्रयास किया है, वहीं भाजपा ने इसे देश विरोधी करार दिया.

BJP: महाराष्ट्र और झारखंड में हो रहे विधानसभा को लेकर भाजपा और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल वोटरों को लुभाने के लिए कई वादे कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन मुस्लिम वोट हासिल करने के लिए दोनों राज्यों में आरक्षण देने और अल्पसंख्यकों के हित में कई कदम उठाने का वादा किया है. वहीं भाजपा इंडिया गठबंधन पर तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहा है. चुनाव प्रचार के बीच महाराष्ट्र में ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले की चिट्ठी को लेकर विवाद बढ़ गया है. भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उलेमा बोर्ड की मांग का समर्थन कर देश बांटने का कुत्सित प्रयास किया है.

 शनिवार को भाजपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उलेमा बोर्ड की मांग को कांग्रेस का समर्थन बेहद गंभीर विषय है. इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस वोट बैंक के कोई भी काम कर सकती है. गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की ओर महाराष्ट्र कांग्रेस को समर्थन देने के लिए 17 मांग को स्वीकार करने के लिए चिट्ठी लिखी थी. पत्र में वक्फ बिल का विरोध, मुसलमानों को नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण, पुलिस भर्ती में मुस्लिम युवाओं को प्राथमिकता और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने जैसी मांग की गयी थी. इस पत्र के जवाब में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने मांगों का समर्थन करते हुए उन मांगों पर विचार करने का भरोसा देने की बात कही.


संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की नहीं है व्यवस्था

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस की सोच देश को तोड़ने वाली है. धर्म के आधार पर देश में किसी को आरक्षण का प्रावधान नहीं है. संविधान में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में साफ कहा कि धर्म के आधार पर किसी को आरक्षण नहीं दिया जा सकता है. लेकिन कांग्रेस को संविधान से कोई मतलब नहीं है. राहुल गांधी हर रोज संविधान लेकर घूमते हैं लेकिन उसे कभी पढ़ते नहीं है. कांग्रेस और राहुल गांधी को कोशिश वोट के लिए देश को किसी तरह विभाजित करना है.

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के पत्र से साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस देश के हित में काम करने वाले आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन करती है. कांग्रेस के सहयोगी शरद पवार और उद्धव ठाकरे को इस मामले में अपना रूख साफ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगले साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 साल होने वाले है. कांग्रेस और सहयोगी दल वोट बैंक के लिए किसी स्तर पर जाने को तैयार हैं. 

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Published by: Anjani kumar singh

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