दिल्ली में बेहद प्रभावी साबित हो रहा पराली से बना बायो-डिकंपोजर, सीएम केजरीवाल ने पड़ोसी राज्यों से भी की अपील

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से पराली को जलाने की बजाए उसे गलाकर बायो-डिकंपोजर बनाने की अपील की.

नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषणमुक्त रखने की दिशा में पराली को जलान के बजाए उससे बायो-डिकंपोजर से किसानों को होने वाले लाभ के बारे में बताया. उन्होंने आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पराली को गलाने में बायो डिकंपोजर काफी प्रभावी साबित हो रही है. इससे दिल्ली के किसान बेहद खुश हैं और उन्हें इसका फायदा भी मिल रहा है.

इसके साथ ही, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से पराली को जलाने की बजाए उसे गलाकर बायो-डिकंपोजर बनाने की अपील की. उन्होंने अपनी अपील में कहा कि पड़ोसी राज्य भी इसे जरूर अपनाने का काम करें. केजरीवाल ने आगे कहा कि पराली को गलाने के बाद इससे बने बायो-डिकंपोजर दिल्ली के किसानों को काफी लाभ मिल रहा है. इसके साथ ही, दिल्ली के पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी मदद मिल रही है.

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि राज्यों को खेतों में बायो-डिकंपोजर को फ्री में छिड़काव करना चाहिए. यह बहुत ही सस्ता है. इससे पराली को दोबारा जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से जल्द ही मुलाकात करूंगा और उनसे व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करने का आग्रह करूंगा.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चिंता जाहिर करते हुए कि आगामी 10 अक्टूबर के आसपास दिल्ली में वायु की गुणवत्ता एक बार फिर से खराब हो जाएगी और यह नवंबर के अंत तक इसी तरह जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से ज्यादा खराब हो जाती है.

उन्होंने कहा कि वायु की गुणवत्ता को बनाए रखने और पराली को जलाने की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने पिछले साल एक समाधान निकाला है. उसने पूसा इंस्टीट्यूट की मदद से पराली से बायो-डिकंपोजर तैयार किया है. इस डिकंपोजर ने बेहद उत्साहजनक परिणाम दिए हैं.

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