बेंगलुरु : बेंगलुरु के मेट्रो स्टेशन से हिंदी में लिखे गये साइन बोर्ड हटाये जायेंगे. यह साइन बोर्ड स्टेशन और ट्रेन दोनों जगहों से हटाये जाने का आदेश दिया गया है. इन जगहों पर सिर्फ कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में लिखे साइन बोर्ड होंगे. यह आदेश कर्नाटक डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन टी. नागभरण ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉपरेशन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिया.
हिंदी को लेकर हर बार हुए विवाद में कर्नाटक यह साफ करता रहा कि राज्य में सिर्फ कन्नड़ ही चलेगा. हिंदी को लेकर हुए ताजा विवाद की बात करें तो आयुष और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने योग के मास्टर ट्रेनर्स के लिए एक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया था.
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इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 300 से ज्यादा प्रतिभागी पहुंचे थे. आयुष सचिव ने हिंदी में अपने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा,मुझे पूरी तरह अंग्रेजी नहीं आती मैं अपनी बात हिंदी में ही रखूंगा गैर-हिंदी वाले लोग यहां से जा सकते हैं. हालांकि बाद में इन आरोपों पर आयुष सचिव ने कहा, सभी आरोपों बेबुनियाद हैं. ऐसा कोई विवाद हुआ ही नहीं. दूसरी तरफ इस मामले ने तूल पकड़ लिया.
दक्षिण भारत के कुछ राजनेताओं ने आयुष मंत्रालय पर आरोप लगाया है कि हिंदी भाषा नहीं बोलने वालों के साथ पक्षपात किया जा रहा है. डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार जबरन हिंदी भाषा थोपना चाहती है और इस घटना से उनका एजेंडा सामने आ गया है. पार्टी सांसद कनिमोझी ने इस संबंध में आयुष मंत्री श्रीपद नाइक को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है.
Posted By – Pankaj Kumar Pathak
