Bengal Bandh: जेपी नड्डा ने बुधवार को बंगाल बंद का किया आह्वान, कहा- ममता बनर्जी के घमंड को करेंगे चकनाचूर

Bengal Bandh: 'नबान्न अभियान' रैली को लेकर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, आम नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार 28 अगस्त सुबह 6 बजे से 12 घंटे के लिए बंगाल बंद का आह्वान किया है.

Bengal Bandh: बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा, मुझे विश्वास है कि बंगाल की जनता हमारे साथ खड़ी होगी और ममता बनर्जी के घमंड को चकनाचूर करने और ऐसी दमनकारी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

Bengal Bandh: ममता बनर्जी ने बंगाल में क्रूरता और तानाशाही की सारी हदें पार की

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ममता जी ने बंगाल में क्रूरता और तानाशाही की सारी हदें पार कर दी हैं. चाहे वह भाजपा कार्यकर्ता की नृशंस हत्या हो, संदेशखली और आरजी कर मेडिकल कॉलेज में मामलों के दोषियों को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन की मिलीभगत हो. सभी मामलों में बंगाल की तानाशाह मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया दिख रहा है. ममता बनर्जी ऐसे अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं. इसमें क्या मजबूरी है? आप उन्हें बचाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? यहां रक्षक ही भक्षक बन गया है. कोलकाता की सड़कों पर हजारों की संख्या में प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और पूरा पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ है, जहां आम लोग ममता बनर्जी के खिलाफ अपने घरों से बाहर आ गए हैं.

कोलकाता में एक बेटी के साथ दुष्कर्म किया जाता है और ममता बनर्जी चुप रहती हैं

जेपी नड्डा ने कहा, पश्चिम बंगाल की सड़कों पर ममता बनर्जी की सरकार और उनकी क्रूर पुलिस द्वारा न्याय की मांग कर रहे बंगाल के डॉक्टरों, युवाओं और महिलाओं के खिलाफ जो हिंसा और दमन देखा गया, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि मानवता के लिए भी शर्मनाक है. पश्चिम बंगाल में एक बेटी के साथ क्रूरता से दुष्कर्म किया जाता है लेकिन ममता बनर्जी चुप रहती हैं. एक महिला की अस्मिता को तार-तार किया जाता है, बेटी के माता-पिता को गुमराह किया जाता है और ममता बनर्जी चुप रहती हैं. जब देश की युवा शक्ति ने ‘नवान्न अभियान’ चलाकर नए न्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की, तब ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री होने के नाते अपनी हैसियत का एहसास हुआ और उन्होंने दोषियों को बचाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. सरकार ने 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया, हावड़ा ब्रिज को सील कर दिया गया, छात्रों पर बंगाल की सड़कों पर लाठीचार्ज किया गया और उन पर पानी की बौछारों से हमला किया गया. एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद, ममता जी बंगाल की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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