कर्नाटक में आरक्षण के विरोध में बंजारा समुदाय का हिंसक प्रदर्शन, शिकारीपुरा रोड किया जाम

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बंजारा समुदाय से संबंधित अनुसूचित जाति को कम आरक्षण दिया गया है. दरअसल कर्नाटक मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते अनुसूचित जातियों के बीच आंतरिक आरक्षण शुरू करने का फैसला किया था.

कर्नाटक में आरक्षण को लेकर बंजारा समुदाय के लोग जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं. मंगलवार को उनके प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. भारी संख्या में जुटे बंजारों ने शिकारीपुरा रोड को जाम कर दिया.

क्यों आरक्षण का विरोध कर रहे बंजारा समुदाय के लोग

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बंजारा समुदाय से संबंधित अनुसूचित जाति को कम आरक्षण दिया गया है. दरअसल कर्नाटक मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते अनुसूचित जातियों के बीच आंतरिक आरक्षण शुरू करने का फैसला किया था. राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर यह सिफारिश भी की थी कि प्रस्ताव को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए.

बंजारा समुदाय के लोगों ने बी एस येदियुरप्पा के घर को निशाना बनाया

बंजारा समुदाय के सदस्यों ने शिकारीपुरा कस्बे में भाजपा के कद्दावर नेता बी एस येदियुरप्पा के घर को निशाना बनाया और राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए घोषित आंतरिक आरक्षण के विरोध में पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. कस्बे में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

Also Read: कर्नाटक में PM मोदी की सुरक्षा चूक! रोड शो के दौरान बैरिकेड पार कर प्रधानमंत्री के काफिले के पास पहुंचा शख्स

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने हिंसा के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया

घटनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने हिंसा के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया. उन्होंने कहा, स्थानीय कांग्रेस नेता लोगों को भड़का रहे हैं. हर समुदाय के साथ किए गए सामाजिक न्याय को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है और उसने हिंसा भड़काने का सहारा लिया. बंजारा समुदाय को अफवाहों के प्रभाव में नहीं आना चाहिए. इस बीच, येदियुरप्पा ने कहा कि गलतफहमी के कारण यह घटना हुई.

प्रदर्शन के दौरान घायल हुए बंजारा समुदाय के लोग

बड़ी संख्या में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें बंजारा समुदाय के कुछ सदस्य घायल हो गए. प्रदर्शनकारी येदियुरप्पा के घर के पास एकत्र हो गए और पथराव शुरू कर दिया, जिससे कुछ खिड़कियों के शीशे टूट गए. स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख क्षेत्र में अतिरिक्त बलों को बुलाया गया.

कर्नाटक ने अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण खत्म करने का फैसला किया

कर्नाटक सरकार ने ‘धार्मिक अल्पसंख्यकों’ के लिए चार प्रतिशत आरक्षण समाप्त करने और इसे राज्य के दो प्रमुख समुदायों के मौजूदा आरक्षण में जोड़ने के अपने फैसले की घोषणा की. कर्नाटक में अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण अब समान रूप से वितरित किया जाएगा और राज्य के वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के मौजूदा आरक्षण में जोड़ा जाएगा. वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के लिए पिछले साल बेलगावी विधानसभा सत्र के दौरान 2सी और 2डी की दो नयी आरक्षण श्रेणियां बनाई गईं थीं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >