Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने मंदिरों को बनाया निशाना, पड़ोसी देश के हालात बेहद खराब, संसद में बोले विदेश मंत्री

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में हिंसा और प्रदर्शन अब भी जारी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को पड़ोसी देश के हालात से संसद को अवगत कराया. उन्होंने पहले राज्यसभा फिर लोकसभा में पड़ोसी देश की स्थिति के बारे में जानकारी दी.

Bangladesh Crisis: विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने बांग्लादेश के हालात के बारे में लोकसभा में कहा, शेख हसीना ने भारत आने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उनके विमान को हिंडन एयरबेस में उतरने की अनुमति दी गई. उन्होंने बताया, बांग्लादेश के हालात बहुत खराब हैं. वहां की स्थिति को देखते हुए भारतीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बीएसएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में बताया, बांग्लादेश में मंदिरों पर भी हमले किए गए हैं.

बांग्लादेश के हालात कैसे हैं?

लोकसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, सरकार पड़ोसी देश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा, बांग्लादेश के साथ भारत के दशकों से गहरे संबंध हैं. वहां के हालात से यहां भी चिंता उत्पन्न हुई है. वहां जून से हालात बिगड़ने शुरु हुए और यह सिलसिला अब तक जारी है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी हालात नहीं बदले.

बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ क्यों है भारी गुस्सा?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, उसका एक सूत्री एजेंडा यह था कि प्रधानमंत्री शेख हसीना इस्तीफा दे दें. जयशंकर ने कहा कि पांच अगस्त को कर्फ्यू के बाद भी वहां दंगे हुए. उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में शेख हसीना ने कल कुछ वक्त के लिए भारत आने की अनुमति मांगी थी और उनका अनुरोध स्वीकार कर उन्हें यहां आने की अनुमति दी गई. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अभी भी अस्थिर हालात हैं.

भारत सरकार बांग्लादेश में रह रहे हिंदू समाज के साथ क्या संपर्क में है?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, सरकार राजनयिक मिशनों के माध्यम से बांग्लादेश में भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क में है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में एक अनुमान के अनुसार 19,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें 9,000 छात्र हैं. उन्होंने कहा कि जुलाई में अधिकतर छात्र भारत लौट आए. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा एवं अस्थिरता को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने चिंता जतायी. विदेश मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ लगने वाली सीमा पर सुरक्षा बलों को अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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