बद्रीनाथ दान चोरी मामला: वीआईपी खर्चों में हेरफेर, सरकार ने कार्रवाई का दिया निर्देश, 5 गवाहों के बयान दर्ज

Badrinath Temple Donation Theft Case: उत्तराखंड की प्रसिद्ध बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में वित्तीय गड़बड़ियों और दान चोरी के मामलों पर सरकार ने एक्शन लिया है. वीआईपी मेहमानों के आवास, भोजन और अन्य खर्चों के लिए किए गए भुगतानों की जांच के आधार पर, सरकार ने बद्रीनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है.

Badrinath Temple Donation Theft Case: जांच में सामने आया है कि केदारनाथ में आने वाले वीआईपी मेहमानों के रहने और खाने-पीने के बिलों के भुगतान में गड़बड़ी की गई है. बड़े अधिकारियों की मंजूरी के बिना ही मंदिर के खजाने से एडवांस पैसा निकाल कर बांट दिया गया.

CEO और मैनेजर भी सवालों के घेरे में

इस घपले में केदारनाथ के तत्कालीन मैनेजर, मुख्य प्रभारी अधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका पर सवाल उठे हैं. पर्यटन एवं धार्मिक मामलों के विभाग (अनुभाग-1) के उप सचिव अनिल कुमार पांडे ने 25 जून को एक पत्र जारी किया था, जिसमें वीआईपी मेहमानों के रहने और खाने-पीने के बिलों के भुगतान में गड़बड़ी के बारे में जानकारी दी गई थी.

दान चोरी मामला: SIT ने 5 गवाहों के बयान दर्ज किए

बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी के मामले में चमोली पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीम ने 5 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं.

दान चोरी मामले में जांच शुरू

एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया: "हमने मंदिर समिति (BKTC) की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और 2 जुलाई का सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिया गया है. अब हमें बीकेटीसी (BKTC) की आधिकारिक आंतरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है. साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे."

CCTV में कैद हुई चोरी की घटना

पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में निलंबित बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को डोनेशन काउंटिंग रूम से संदिग्ध रूप से नकदी, सोने-चाँदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे छिपाते या चुराते हुए देखा गया है.

हाईकोर्ट पहुंचा मामला, चार स्तरों पर चल रही जांच

इस मामले में मंदिर के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर बद्रीनाथ थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी. एसआईटी ने पुष्पवान के अलावा सीसीटीवी कंट्रोल ऑफिसर पंवार और काउंटिंग के दौरान मौजूद हरेंद्र कोठारी के बयान भी दर्ज किए हैं. आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और एफआईआर को चुनौती देते हुए उत्तराखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जस्टिस आलोक मेहरा की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बीकेटीसी (BKTC) से जवाब तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होनी तय हुई है.


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लेखक के बारे में

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
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