Badrinath Temple Donation Theft Case : बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान की पेंशन और सभी रिटायरमेंट लाभ तत्काल प्रभाव से रोक दिए हैं. वहीं इस मामले में गिरफ्तार कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सेवा नियमों के अनुसार केवल मासिक जीवन-निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा. इस फैसले की पुष्टि बीकेटीसी के CEO सोहन सिंह रंगार ने की है.
एसआईटी की जांच में लगातार हो रहे नए खुलासे
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) लगातार सबूत जुटाने में लगी है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई की रात देहरादून से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद ज्योतिर्मठ की अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा. वहीं राजेंद्र चौहान को 18 जुलाई को गिरफ्तार करने के बाद चमोली जिले की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
विदेशी मुद्रा और कीमती सामान बरामद
एसआईटी ने जांच के दौरान राजेंद्र चौहान के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से विदेशी मुद्रा, महंगा केसर और अन्य सामान बरामद किया गया. हालांकि जांच अधिकारियों का कहना है कि चोरी हुई नकदी के बारे में आरोपी अब तक सहयोग नहीं कर रहा है. जांच अधिकारी महादेव उनियाल के मुताबिक, कई अहम चीजें बरामद हुई हैं, लेकिन नकदी को लेकर पूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा.
CCTV फुटेज और 18 पन्नों की रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा
एसआईटी ने मंदिर समिति की 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट अपने कब्जे में ले ली है. इसके अलावा 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है. पुलिस का दावा है कि नई फुटेज से कुछ और संदिग्धों की पहचान हुई है. जांच के दौरान मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रंगार और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से भी पूछताछ की गई है. साथ ही चढ़ावे के संग्रह और उसके प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है.
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