RSS पर प्रतिबंध लगाने की बात वो करते हैं, जो राष्ट्र और सनातन विरोधी हैं : बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि संघ आर्य समाज जैसी संस्था है. लाखों लोग इस संस्था के जरिए तप कर रहे हैं. इनका विरोध करने वाले लोग दरअसल अपने छिपे एजेंडे को चलाना चाहते हैं.

Baba Ramdev : योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि जो राष्ट्रविरोधी और सनातन विरोधी ताकते हैं, वो आरएसएस का विरोध करते हैं. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता हमेशा देश हित में काम करते हैं. संघ में हेडगेवार और गोलवलकर जैसे नेता हुए, जिन्होंने राष्ट्रहित में काम किया. बाबा रामदेव ने कहा कि जो लोग संघ को बैन करने की बात करते हैं, दरअसल वो लोग देश विरोधी हैं. दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर यह कहा था कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इस संगठन की वजह से देश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है.

बाबा रामदेव ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि संघ आर्य समाज जैसी संस्था है. लाखों लोग इस संस्था के जरिए तप कर रहे हैं. इनका विरोध करने वाले लोग दरअसल अपने छिपे एजेंडे को चलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मैं आरएसएस को लगभग तीन दशक से देख रहा हूं. यह एक राष्ट्रवादी संस्था है.

क्या टैरिफ वार करा सकता है तीसरा विश्वयुद्ध?

इस बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि आज के समय में जो टैरिफ वार चल रहा है, दरअसल वो टैरिफ आतंकवाद है. यह बहुत ही खतरनाक है. कुछ अधिनायकवादी शक्तियां पूरे विश्व को अपने कब्जे में रखने के लिए टैरिफ जैसी नीतियां बना रही हैं. इनका उद्देश्य अपना हित साधना है ना कि विकासशील देशों का हित साधना. उन्होंने कहा कि अगर विश्व में तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो वह आर्थिक युद्ध होगा. उन्होंने कहा कि अगर हमें इन शक्तियों से मुकाबला करना है तो स्वदेशी को अपनाना होगा.

आर्य समाज किस तरह का संगठन था?

बाबा रामदेव ने कहा इस इंटरव्यू में कहा कि आर्य समाज एक बहुत ही तार्किक, दार्शनिक और व्यावहारिक संगठन है जो जातिवाद, ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत से परे है. आज हम जो कुछ भी हैं, वह महर्षि दयानंद के इस दृष्टिकोण का परिणाम है कि एक किसान का बेटा देश का सबसे बड़ा योगी बन सकता है. बिना किसी दिखावे, आडंबर, पाखंड या अंधविश्वास के, आर्य समाज ने ऐसे व्यक्तियों का निर्माण किया है.

ये भी पढ़ें : Anant Singh Arrest : अनंत सिंह की गिरफ्तारी से बढ़ा मोकामा का सियासी पारा, अब ‘कास्टवार’ की गिरफ्त में होगा चुनाव

120 Bahadur : 3 महीनों तक बर्फ की चादर में जमी रही थी रेजांग ला युद्ध के रणबांकुरों की कहानी, अब क्यों हो रहा विरोध?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >