Aurangzeb Row: अबू आजमी के पोस्टर पर खूब पड़े लात-जूते, महाराष्ट्र में नहीं थम रहा औरंगजेब विवाद

Aurangzeb Row: औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान से महाराष्ट्र में महाभारत जारी है. शिवसेना और बीजेपी के नता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

Aurangzeb Row: समाजवादी पार्टी (SP ) के विधायक अबू आसिम आजमी को औरंगजेब की प्रशंसा करने पर बुधवार को मौजूदा बजट सत्र के अंत तक महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया. उन्होंने अपने बयान को वापस भी ले लिया, लेकिन विवाद विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को अबू आजमी के पोस्टर पर कालीख पोती गई और लात-जूते मारे गए. पोस्टर पर अबू आजमी ‘मुर्दाबाद’ लिखे हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने बारी-बारी से पोस्टर पर चप्पल मारे और कालीख पोते.

अबू असिम आजमी का इतिहास दागदार: भाजपा अल्पसंख्यक मोरचा

मुंबई भाजपा अल्पसंख्यक मोरचा के अध्यक्ष वसीम खान ने कहा, “अबू असिम आजमी का इतिहास दागदार रहा है. उन्होंने हमेशा हमारी एकता और अखंडता पर हमला करने के लिए प्रयास किए हैं. औरंगजेब की प्रशंसा कर उन्होंने महाराष्ट्र को शर्मसार कर दिया है.

आजमी ने महाराष्ट्र के गौरव का किया अपमान

शिवसेना ने सपा नेता अबू आसिम आजमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि मुगल सम्राट औरंगजेब की प्रशंसा करने वाली उनकी टिप्पणी महाराष्ट्र के गौरव का अपमान है. शिवसेना के नगर अध्यक्ष प्रमोद नाना भांगिरे ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ औरंगजेब के अत्याचारों और धर्म परिवर्तन कराने के उसके प्रयासों का महिमामंडन नहीं किया जा सकता. उन्होंने आजमी पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की.

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आजमी ने क्या दिया था बयान?

समाजवादी पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल में भारत की सीमा अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमा) तक पहुंच गई थी. मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक आजमी ने दावा किया, “हमारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विश्व सकल घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत था और भारत को (उनके शासनकाल के दौरान) सोने की चिड़िया कहा जाता था.” औरंगजेब और मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई के बारे में पूछे जाने पर आजमी ने इसे राजनीतिक लड़ाई करार दिया था.

आजमी ने अपना बयान वापस लिया

अबू आजमी ने औरंगजेब पर दिये अपने बयान को वापस ले लिया है. कहा- “उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा था लेकिन सदन की कार्यवाही जारी रह सके, इसलिए उन्होंने विधानसभा के बाहर की गई अपनी टिप्पणी को वापस ले लिया. फिर भी मुझे निलंबित कर दिया गया.”

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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