त्रिपुरा हिंसा को लेकर बीजेपी के बागी विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने एक बार फिर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि सीपीआई (एम) के शासन काल में राजनीतिक हिंसा एक अलोकतांत्रिक खतरे में दब्दील हो गई थी. उन्होंने कहा है कि टीएमसी उम्मीदवारों के खिलाफ भी अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने जनता से वापस लड़ने की अपील की है. और कहा है कि लोग अपने मतदान अधिकारों का प्रयोग करें. वो गुंडों का सामना करें.
इससे पहले मंगलवार को पार्टी विधायक सुदीप ने आरोप लगाया था कि राज्य में हालिया राजनीतिक हिंसा के कारण बीजेपी की छवि धूमिल हुई है. इससे पीएम मोदी की प्रतिष्ठा को भी क्षति पहुंची है. उन्होंने कहा कि इससे पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी फर्क पड़ सकता है.
सुदीप बर्मन ने ये भी कहा था कि, हाल के दिनों में त्रिपुरा में जो हिंसा हुई है, उससे पार्टी के हितों को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी पार्टी आलाकमान को दे दी गई है. गौरतलब है कि सुदीप बर्मन के तेवर बगावती हो गये हैं. उन्होंने हिंसा को लेकर परोक्ष रूप से त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में कोई लोकतंत्र नहीं है.
बता दें, बीते रविवार को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अगरतला के एक पुलिस स्टेशन में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई की थी. टीएमसी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि 25 से 30 बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लाठियों से हमला किया और उनकी जमकर पिटाई की. वहीं, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले की टीएमसी ने कड़ी निंदा की है. टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस मामले को लेकर आज पीएम मोदी से मुलाकात करने वाली हैं.
Posted by: Pritish Sahay
