असम-मेघालय सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण, मोबाइल इंटरनेट सेवा अगले 48 घंटे के लिए सस्पेंड

मेघालय सरकार ने राज्य के पूर्वी हिस्से में कम से कम सात खासी-जैंतिया हिल्स जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर शनिवार तक के लिए रोक लगा दी है. शांति भंग करने के लिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद किया जाता है.

असम-मेघालय सीमा पर हिंसक झड़पों के बाद अब भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार छह लोगों की मौत के बाद इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. जिस जगह पर हिंसा भड़की थी, वहां पर धारा 144 लगा दिया गया है.

मेघालय के 7 जिला में अगले 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बाधित

मेघालय सरकार ने राज्य के पूर्वी हिस्से में कम से कम सात खासी-जैंतिया हिल्स जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर शनिवार तक के लिए रोक लगा दी है. गृह विभाग के सचिव सीवीडी डेंगदोह ने बताया, शांति भंग करने के लिए सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद किया जाता है. मंगलवार को हिंसा भड़कने के कुछ घंटों के बाद ही सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं.

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मेघालय में असम के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध

असम से मेघालय के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर पुलिसकर्मियों ने बैरिकेड्स लगा दिए हैं और लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वे असम की नंबर प्लेट वाले वाहनों में मेघालय न जाएं. अगर (यात्रा करना) नितांत जरूरी है तो उन्हें सीमा के प्रवेश बिंदुओं से मेघालय की टैक्सी किराये पर लेनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रक और टैंकर जैसे वाणिज्यिक वाहनों पर इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है.

क्या है मामला

असम-मेघालय सीमा के साथ पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में एक विवादित स्थान पर मंगलवार तड़के हुई हिंसा में एक वन रक्षक सहित छह लोगों की मौत हो गई थी. झड़प उस समय हुई जब अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से लदे एक ट्रक को असम के वनकर्मियों द्वारा रोका गया था. घटना के बाद यात्री कारों पर सिलसिलेवार हमलों के बाद असम सरकार ने वाहनों को मेघालय ले जाने से रोक दिया है.

लंबे समय से जारी है असम-मेघालय के बीच सीमा विवाद

असम और मेघालय के बीच 884.9 किलोमीटर लंबी अंतर-राज्यीय सीमा से सटे 12 क्षेत्रों में लंबे समय से विवाद है और जिस स्थान पर हिंसा हुई वह उनमें से एक है. दोनों राज्यों ने छह क्षेत्रों में विवाद को समाप्त करने की दिशा में इस साल मार्च में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. मेघालय को 1972 में असम से अलग किया गया था और तब से इसने असम पुनर्गठन अधिनियम, 1971 को चुनौती दे रखी है, जिसके अनुसार दोनों राज्यों के बीच सीमा का सीमांकन किया गया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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