Arvind Kejriwal: जमानत मिल भी गई तो मुख्यमंत्री का काम नहीं कर पाएंगे अरविंद केजरीवाल? जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली. दो न्यायाधीशों की पीठ ने लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए उन्हें अंतरिम जमानत देने पर कोई आदेश नहीं सुनाया.

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ कर रही है. पीठ ने सुनवाई के दौरान अंतरिम जमानत देने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. बाद में कोई भी आदेश जारी किए बिना पीठ उठ गई. ऐसी संभावना है कि इस मामले में 9 मई को सुनवाई हो सकती है. कोर्ट ने कहा, यदि 9 मई को संभव नहीं होता है, तो अगले हफ्ते किसी भी दिन सुनवाई होगी.

जमानत भी मिल गई तो सरकारी काम नहीं कर पाएंगे केजरीवाल?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल से कहा, अगर आप सरकारी जिम्मेदारियां निभाएंगे तो यह हितों का टकराव होगा और हम ऐसा नहीं चाहते. कोर्ट ने कहा, हम नहीं चाहते कि यदि आपको अंतरिम जमानत दी जाए तो आप सरकारी कामकाज करें.

जमानत पर विचार करना होगा : कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा, यह असाधारण परिस्थिति है क्योंकि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री हैं, उनकी अंतरिम जमानत पर विचार करना होगा. अंतरिम जमानत देने के संबंध में दलीलों पर सुनवाई करेंगे क्योंकि वह निर्वाचित नेता हैं और उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने की जरूरत है.

ईडी ने जमानत का किया विरोध

ईडी ने अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने के संबंध में सुनवाई को लेकर न्यायालय की राय का विरोध किया और कहा कि अदालत नेताओं के लिए अलग श्रेणी नहीं बना सकती. ईडी ने कोर्ट से कहा, अरविंद केजरीवाल 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान सात-सितारा होटल में ठहरे थे, उनके कुछ बिल का भुगतान दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने किया था.

आरोपियों से सीधे प्रासंगिक सवाल क्यों नहीं पूछे गए

सुप्रीम कोर्ट ने जांच में देरी पर ईडी से सवाल किया कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में गवाहों, आरोपियों से सीधे प्रासंगिक सवाल क्यों नहीं पूछे गए. ईडी ने कोर्ट से कहा, शुरुआत में अरविंद केजरीवाल दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में जांच के केंद्र में नहीं थे, उनकी भूमिका बाद में स्पष्ट हुई. मालूम हो केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू कोर्ट में पेश हुए.

Also Read: अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला टला, 20 तक बढ़ाई गई रिमांड

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >