अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: बाढ़ के बाद तबाही का खौफनाक VIDEO आया सामने

Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. सोशल मीडिया में बाढ़ के कई खौफनाक वीडियो सामने आ रहे हैं.

Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश के यजाली में पोसा गांव (नीपको कॉलोनी) में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ से एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग अभी भी लापता हैं. बाढ़ से जो ताबही हुई है, उसका नया वीडियो आया है. वीडियो काफी खौफनाक है. जिसमें कई घर और गाड़ियां मलबे में दबे नजर आ रहे हैं.

राहत और बचाव कार्य अब भी जारी

राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जिला पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत कार्य में शामिल हैं.

भूस्खलन से चार मजदूर घायल

गुरुवार शाम को केयी पन्योर वेलकम गेट के पास पत्थर तोड़ने वाले संयंत्र के पास भूस्खलन हो गया. जिसमें चार मजदूर घायल हो गए. उनका इलाज जारी है. अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के समय मजदूर अपने शिविरों में सो रहे थे. उनमें से कुछ मलबे के नीचे आंशिक रूप से दब गए थे और आपातकालीन बचाव दल के वहां पहुंचने से पहले ही उनके साथियों ने उन्हें बचा लिया. घायल लोगों की हड्डी टूट गई है और सिर में चोटें आई हैं, जबकि एक कर्मचारी सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद गंभीर हालत में है.

राहत और बचाव कार्य में आ रही बाधा

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है. घटना स्थल से अधिकारियों तक जानकारी रुक-रुक कर ही पहुंच पा रही है, क्योंकि लोग नेटवर्क कवरेज वाली जगहों पर जाकर ही सूचना दे पा रहे हैं. केयी पन्योर की तरफ से उस जगह तक पहुंचना मुमकिन नहीं है, क्योंकि सबसे नजदीकी वाहन लेने जाने वाली जगह लगभग 12 किलोमीटर दूर है और भूस्खलन से प्रभावित इलाके में पहुंचने के लिए पैदल जाना पड़ेगा. पापुम पारे जिले में होज की तरफ वाला रास्ता, जिसमें लगभग 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शामिल है, घटनास्थ्ल पर पहुंचने का अधिक सुलभ रास्ता है.

बाढ़ की वजह से 30 घर क्षतिग्रस्त, 128 परिवार प्रभावित

शुरुआती आकलन के अनुसार, बाढ़ की वजह से नीपको कॉलोनी में लगभग 30 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए, जबकि पोसा और पिटापूल इलाकों में 10 घर पूरी तरह से और 14 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. जिले में कुल 128 परिवार प्रभावित हुए हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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