Animal Health: पशु स्वास्थ्य के लिए पैंडेमिक फंड प्रोजेक्ट हुआ शुरू

केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह ने 'एनिमल हेल्थ सिक्योरिटी स्ट्रेथेनिंग इन इंडिया फॉर पैंडेमिक प्रिपेरेडनेस एंड रिस्पांस' को लेकर पैंडेमिक फंड प्रोजेक्ट को लांच किया. यह फंड 25 मिलियन डॉलर का है, जिसे जी-20 पैंडेमिक फंड सहायता प्रदान करेगा.

Animal Health: देश में हर साल रोग के कारण पशुओं को जान गंवानी पड़ती है. इससे किसानों और आम लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना होता है. लेकिन अब पशुओं के इलाज की समुचित व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है. शुक्रवार को केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह ने ‘एनिमल हेल्थ सिक्योरिटी स्ट्रेथेनिंग इन इंडिया फॉर पैंडेमिक प्रिपेरेडनेस एंड रिस्पांस’ को लेकर पैंडेमिक फंड प्रोजेक्ट को लांच किया. यह फंड 25 मिलियन डॉलर का है, जिसे जी-20 पैंडेमिक फंड सहायता प्रदान करेगा. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के सशक्तिकरण में मदद करता है. पिछले 9 साल में पशुपालन क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है.

सरकार के नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत हमारी कोशिश फुट एंड माउथ डिजीज और ब्रुसेलोसिस का देश से पूरी तरह खत्म करना है. इस प्रोग्राम के तहत अब तक फुट एंड माउथ डिजीज के 90.87 करोड़ और ब्रुसेलोसिस के 4.23 करोड़ वैक्सीन के डोज लगाए जा चुके है. पशुपालन एवं डेयरी विभाग देश के 9 राज्यों में फुट एंड माउथ डिजीज फ्री जोन बनाने की दिशा में काम कर रहा है. कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, जार्ज कुरियन के अलावा जी-20 के शेरपा अमिताभ कांत, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. 


पैंडेमिक फंड के फायदे 

पैंडेमिक फंड सरकार के मौजूदा प्रयासों को मजबूत करने में सहयोग करने के लिए रोग के सर्विलांस, जिसमें जिनोमिक और पर्यावरणीय सर्विलांस शामिल के प्रयासों को सशक्त बनाएगा. साथ ही रोग के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम, लैबोरेट्री इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, अन्य देशों के साथ सहयोग और देश में एक समग्र सिस्टम बनाने में मददगार साबित होगा. कार्यक्रम के दौरान स्टैंडर्ड वेटरनरी ट्रीटमेंट गाइडलाइन और एनिमल डिजीज के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान को जारी किया. स्टैंडर्ड वेटरनरी ट्रीटमेंट गाइडलाइन के तहत पशुओं के देखभाल और उपचार के लिए सबसे अच्छे प्रयासों का विवरण दिया गया. इसका मकसद पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर उत्पादकता बढ़ाना है.

वहींएनिमल डिजीज के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान के तहत पशुओं में फैलने वाली महामारी को रोकने के लिए उठाए जाने कदम और प्रबंधन की जानकारी दी गयी है. केंद्रीय मंत्री ने मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य के लिए एक समग्र तरीका अपनाने पर जोर दिया. हाल में आयी महामारी को देखते हुए मानव और पशुओं को बचाने में यह फंड मददगार साबित होगा. साथ ही यह फंड पशुओं से होने वाले रोग को मानव में फैलने से रोक में प्रभावी कदम उठाएगा. यह फंड एशियन डेवलपमेंट बैंक, फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन और विश्व बैंक के सहयोग से संचालित होगा.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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