पुलिस स्मृति दिवस पर अमित शाह बोले, 35 हजार से ज्यादा जवानों ने देश की रक्षा में दी अपनी जान की कुर्बान

पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर अमित शाह ने कहा कि देशभर की पुलिस फोर्स और CAPF के 35,000 से ज्यादा जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है.

दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान अमित शाह ने कहा, आज हमारा देश हर दिशा में प्रगति करता हुआ दिखाई दे रहा है. देशभर की पुलिस फोर्स और CAPF के 35,000 से ज्यादा जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और देश की सीमाओं की रक्षा करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है.


जम्मू-कश्मीर में लोग अब पंच और सरपंच बनते हैं- शाह

शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा, केंद्र में मोदी की सरकार आने के बाद से पूर्वोत्तर के राज्य, जम्मू-कश्मीर और नक्सल ग्रस्त इलाकों में सुरक्षा की स्थिति में काफी हद तक सुधार हुए हैं. उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर के हालात में अब ऐसा सुधार हुआ है कि पहले लोग जवानों पर पत्थर फेंकते थे, लेकिन अब वे पंच और सरपंच बन रहे हैं. उन्होंने पुलिसकर्मियो‍ं को आश्वस्त कराते हुए कहा, देश के लिए जान गंवाने वाले जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. केंद्र सरकार हर कदम पर देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी.

कोरोना के दौरान पुलिस ने निभाई अहम भूमिका- शाह

शाह ने इस दौरान कहा कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित राज्यों में अब एकल्व्य स्कूलों में राष्ट्रगान गाया जाता है और उनकी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है. शाह ने कहा कि देशभर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के बलिदान की वजह से ही भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है. इन कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए शाह ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान इन्होंने अग्रिम भूमिका निभाई है.

10 जवानों की याद में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस

पुलिस स्मृति दिवस भारत की आजादी के बाद देश की रक्षा में जान गवाने वाले पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1959 में हुई थी. बता दें कि लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स इलाके में चीन के आक्रमण की जवाबी कार्रवाई के दौरान जान गंवाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवानों की याद में मनाया जाता है.

(भाषा- इनपुट के साथ)

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By Piyush Pandey

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